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मंगलवार सुबह से ही दिल्ली की राजनीति में उठापटक का दौर शुरू हो गया। शुरूआत हुई दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दफ्तर में सीबीआई के छापे से। सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक पुराने मामले को लेकर केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के दफ्तर पर छापा मारा था।
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जिसको लेकर मुख्यमंत्री केजरीवाल भड़क उठे। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री को लपेटते हुए उन्हें कायर और मनोरोगी कह डाला। केजरीवाल ने कहा मोदी राजनीति में मुझसे नहीं निपट पा रहे हैं तो इस तरह की हरकतों पर उतर आए हैं। वहीं मोदी पर केजरीवाल के तीखे हमले ने भाजपा का पारा हाई कर दिया।

केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावेडकर और भाजपा सचिव श्रीकांत शर्मा ने पीएम के खिलाफ इस तरह का बयान देने के लिए केजरीवाल से माफी की मांग कर दी। वहीं इस मुद्दे को लेकर संसद में भी जमकर हंगामा हुआ। ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और जेडीयू ने इसके विरोध में संसद में विरोध कर हंगामा किया।
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विरोधियों ने इसे राजनीतिक आपातकाल बताया। इस मुद्दे पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सरकार का पक्ष रखते हुए साफ किया कि सीबीआई का छापा सीएम नहीं उनके प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के ऑफिस पर था।

हालांकि उनकी इस दलील को पहले दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया और फिर खुद केजरीवाल ने खारिज कर दिया। देर शाम पत्रकारों से बात करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने कुछ दिन पहले डीडीसीए के घोटालों की जांच कराई थी जिस पर जल्द ही बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन होना था, उसी मामले की फाइल उनके ऑफिस में रखी थी। उसी फाइल की तलाश में सीबीआई की टीम उनके ऑफिस आई थी।

मुख्यमंत्री के दफ्तर में घुसी सीबीआई, प्रमुख सचिव की जांच

वहीं इससे पूर्व सीबीआई की टीम सुबह दस बजे ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कार्यालय पर पहुंच गई। जहां उसने सीएम के प्रधान सचिव राजेन्द्र कुमार के कार्यालय की तलाशी ली। इस दौरान टीम ने कई फाइलों को भी खंगाला। हालांकि आम आदमी पार्टी ने दावा किया कि सभी अधिकारियों को मुख्यमंत्री दफ्तर में प्रवेश से रोक दिया गया और उनका दफ्तर सील कर दिया गया।

उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के मीडिया सलाहकार अरुणोदय प्रकाश ने बताया कि उन्हें भी दफ्तर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। वहीं सीबीआई ने सफाई दी कि मुख्यमंत्री का दफ्तर सील नहीं किया गया। जांच एजेंसी ने कहा है कि वो मुख्यमंत्री की टीम के एक सीनियर ब्यूरोक्रेट राजेंद्र कुमार के दफ्तर को खंगाल रही है।

सीबीआई के सूत्रों को कहना है कि जांच एजेंसी का एक भी सदस्य मुख्यमंत्री के दफ्तर में नहीं गया है। ये केस उनके कार्यकाल से नहीं जुड़ा है। राजेंद्र कुमार पर कम्‍प्यूटरों की खरीद में रिश्वतखोरी का आरोप है। सीबीआई ने एक बयान जारी कर कहा है कि राजेंद्र कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

वहीं छापे के दौरान मामले में एक अन्य आरोपी जीके नंदा के पास 10.5 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। सीबीआई ने जानकारी दी कि राजेंद्र कुमार के मामले में दिल्ली और उत्तर प्रदेश के 14 स्थानों पर छापे मारे गए हैं। टीवी रिपोर्टों के मुताबिक, सीबीआई छापों में राजेंद्र कुमार के घर से लाखों रुपए मिले हैं।

तीन नई प्रॉपर्टियों के कागजात भी मिले हैं। वहीं, आप नेता आशुतोष ने सीबीआई छापों पर प्रतिक्रिया देते हुए राजेंद्र कुमार को ईमानदार अफसर बताया। उन्होंने कहा कि अगर राजेंद्र कुमार के खिलाफ जांच करनी थी तो उन्होंने दिल्ली के मुख्यमंत्री को क्यों नहीं बताया।

मध्यप्रदेश में बस हादसा, 15 की मौत

दिल्‍ली में जारी राजनीतिक घमासान के बीच मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश से हादसों की दो दुखद खबर भी सुनने को मिली। पहली घटना सुबह छह बजे के करीब मध्यप्रदेश के होशंगाबाद में हुई। हादसा उस समय हुआ जब बारातियों से भरी बस विवाह समारोह के रिसेप्‍शन में शामिल होने के लिए जा रही थी।

इसी दौरान सामने से आ रही एक कार को बचाने के चक्कर में बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 30 लोग घायल भी हुए। हादसे पर राज्य के मुख्यमंत्री ‌शिवराज सिंह चौहान ने भी दुख जताया है। उन्होंने मरने वालों के परिजनों को 1.5 लाख रुपये, घायलों को 25 हजार और गंभीर घायलों को 50 हजार की सहायता देने की घोषणा की है।

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के इंदौर से एक बस सुबह छह बजे के करीब छिंदवाड़ा के परासिया के पास चांदमोटा के लिए निकली थी। बताया जा रहा है कि बस में बाराती सवार थे जो एक रिसेप्‍शन में शामिल होने के लिए जा रही थी। इसी दौरान एक बस को बचाने के चक्कर में यह हादसा हुआ।

वहीं दूसरी घटना कानपुर देहात में हुई। कानपुर देहात के नेशनल हाईवे -2 पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां एक कार ट्रक से टकरा गई, तेजी से टकराने के बाद दोनों ही गाड़ियों में आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कार में सवार 6 लोगों में से 5 लोगों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई।

वहीं एक व्यक्ति को कानपुर के हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कार सवार सभी लोग हडिया इलाहाबाद के रहने वाले थे और सडक मार्ग से मुम्बई जा रहे थे। कार में सवार इलाहाबाद की रहने वाली मीना पाण्डेय उनके तीन बच्चे आयुश, आरुषि, शिवम और उनका भाई सूरज कार में ही जिन्दा जल गए। कार चला रहे अविनाश पांडेय इस हादसे में बुरी तरह से जल गए। इन्हे इलाज के लिए कानपुर के लिए हैलेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

आईपीएलः पुणे ने धोनी, राजकोट ने रैना को खरीदा

इसके अलावा दिन की एक बड़ी खबर आईपीएल से भी आई। जहां धोनी और रैना को अलग अलग टीमों ने खरीद लिया। अगले 2 साल के लिए आईपीएल में शामिल 2 नई टीमों (पुणे और राजकोट) ने मंगलवार को भारतीय वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के अलावा अजिंक्य रहाणे और रविंद्र जडेजा समेत दुनियाभर के 10 बड़े खिलाड़ियों को अपनी-अपनी टीम में शामिल कर लिया।

दिल्ली में 8 दिसंबर को हुई रिवर्स नीलामी प्रक्रिया के तहत कोलकाता के उद्योगपति संजीव गोयनका की न्यू राइजिंग कंपनी ने पुणे की फ्रेंचाइची और इंटेक्स ने राजकोट टीम खरीदी थी। ये दोनों टीमें 2016 और 2017 के लिए आईपीएल से निलंबित चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स की टीमों का स्थान लेंगी।

खिलाड़ियों को चुनने का पहला मौका पुणे की टीम को दिया गया क्योंकि रिवर्स नीलामी प्रक्रिया के तहत सबसे कम बोली उसकी न्यू राइजिंग कंपनी ने लगाई थी।

पुणे ने सबसे पहले धोनी को चुनते हुए अपनी टीम में शामिल कर लिया। इसके बाद राजकोट की टीम ने चेन्नई सुपर किंग्स में धोनी के 8 साल पुराने साथी रहे सुरेश रैना को अपनी टीम में शामिल किया।

हालांकि माना जा रहा था कि स्थानीय दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जडेजा राजकोट की टीम से जुड़ने वाले पहले खिलाड़ी होंगे लेकिन फ्रेंचाइची ने रैना को सबसे पहले खिलाड़ी के रूप में टीम से जोड़ा। आईपीएल का अगला संस्करण 9 अप्रैल से 29 मई तक खेला जाएगा। पुणे और राजकोट के पास 5-5 खिलाड़ियों को चुनने का विकल्प दिया गया था।

विधानसभा में पोर्न देखते पकड़े गए कांग्रेस विधायक

ओडिशा में कांग्रेस को उस वक्त शर्मिंदगी उठानी पड़ी, जब उसके एक विधायक विधानसभा में पोर्न क्लिप देखते हुए पकड़े गए। विधानसभा में सोमवार को प्रश्नकाल के दरमियान विधायक अपने स्मार्टफोन पर पोर्न क्लिप देख रहे थे, एक स्‍थानीय टीवी चैनल ने उनकी ये हरकत रिकॉर्ड कर ली।

चैनल के प्राइम टाइम में खबर प्रसारित होने के बाद ओडिशा की राजनीति गरमा गई। सत्ताधारी बीजू जनता दल ने कांग्रेस विधायक नाबा दास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नाबा दास झारसुगुड़ा से दूसरी बार विधायक चुने गए हैं।

मंगलवार को ओडिशा विधानसभा अध्यक्ष निरंजन पुजारी ने नाबा दास को सात दिनों के लिए विधासभा से निलंबित कर दिया। उन्होंने मामले को विधानसभा की एथिक कमेटी के पास भेज दिया।

नाबा दास को ओडिशा में फायर ब्रांड नेता के रूप में जाना जाता है। भाजपा की ओडिशा इकाई ने भी कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि कांग्रेस ने मामले की जांच की मांग की है।

कांग्रेस राज्य कमेटी की महासचिव सुलोचना दास ने कहा कि ये घटना बहुत ही दुखद है। मामले की जांच होनी चाहिए और विधायक यदि दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
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कचहरी में आत्मदाह करने वाले युवक की मौत

मथुरा कलेक्ट्रेट परिसर में आत्‍मदाह करने वाले अजय गुप्ता की मंगलवार को मौत हो गई। सपा नेता की ठगी के शिकार अजय गुप्ता ने मामले में जिलाधिकारी की ओर से कार्रवाई नहीं किए जाने से निराश होकर सोमवार को कलक्ट्रेट में मिट्टी का तेल छिड़ककर खुद को आग के हवाले कर लिया था।

90 फीसदी झुलसी हालत में उसे आगरा के एसएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। हालांकि उन्हें बचाया नहीं जा सका और मंगलवार को उनकी मौत हो गई। ठगी के शिकार अजय गुप्ता सोमवार को डीएम आफिस पहुंचे थे। जहां डीएम राजेश कुमार से मुलाकात न हो पाने के कारण दोपहर में तकरीबन 12:30 बजे उन्होंने खुद को आग लगा ली।

अस्पताल ले जाते वक्त अजय ने बताया कि आगरा के सपा नेता राजेश चौहान ने बरेली बिछरईया थाना बल्लिया निवासी तेज सिंह चौहान के साथ मिलकर उनके 14 लाख रुपये हड़प लिए हैं। यह राशि वे बरेली में अपना मकान बेचकर लाए थे।

अजय ने आरोप लगया कि दोनों लोगों ने उन्हें कई माह तक बंधक बनाकर पीटा। अजय ने मथुरा के डीएम सहित अनेक अफसरों को कार्रवाई के लिए कई बार लिखा लेकिन किसी ने मदद नहीं की। इस पर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। मंगलवार को पुलिस ने कहा कि राजेश चौहान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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