गुजरात के बहुचर्चित इशरत जहां मुठभेड़ केस में अब एक नया मोड़ आ गया है।
सीबीआई ने इस मामले में पाकिस्तान से इशरत के दोस्त अमजद अली राणा और जिशान जौहर का विस्तृत ब्योरा मांगा है। अमजद और जिशान के पाकिस्तानी आतंकवादी होने का शक जताया जा रहा था।
कहा जा रहा था कि वे पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर आ गए थे। सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर में विस्तृत छानबीन की थी लेकिन वह इस संबंध में वहां से कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा सकी।
सीबीआई को अमजद और जिशान के बारे में ज्यादा जानकारी उनके रिश्तेदारों और जानने वालों से बातचीत के बाद मिली थी और इसे उनकी चार्जशीट में भी शामिल किया गया था। लेकिन जांच एजेंसी यह निष्कर्ष निकालने में नाकाम रही कि दोनों पाकिस्तानी नागरिक थे।
बहरहाल, सीबीआई ने पाकिस्तान को एक न्यायिक आग्रह पत्र भेजा है, जिसमें अमजद और जिशान का विस्तृत ब्योरा मुहैया कराने की मांग की गई है।
इशरत और जावेद पिल्लई के साथ अमजद और जिशान भी 15 जून 2004 को कथित मुठभेड़ में मारे गए थे। पाकिस्तान सरकार से दोनों के वहां के नागरिक होने की असलियत बताने को कहा गया है।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि इशरत जहां मुठभेड़ मामले में इस महीने के अंत तक एक पूरक आरोप-पत्र दायर किया जा सकता है। गुजरात पुलिस का दावा है कि दोनों पाकिस्तानी आतंकवादी थे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने के अभियान पर भारत आए थे।