लगातार बढ़ती हर्ष फायरिंग की घटनाओं पर बेहद गंभीर रुख अपनाते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुछ और सख्त निर्देश जारी किए हैं। इनके मुताबिक शस्त्र लाइसेंसधारी को नए कारतूस तभी मिलेंगे, जब वह पूर्व में खरीदे कारतूसों के कम से कम 80 फीसदी खोखे शस्त्र विक्रेता के पास जमा कराएगा।
शस्त्र विक्रेताओं को ऐसे सभी खोखे डीएम ऑफिस में जमा कराने होंगे। नया शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर तभी विचार किया जाएगा, जब आवेदक असलाह चलाने के टेस्ट में पास हो जाएगा। हाईकोर्ट में हर्ष फायरिंग के संबंध में दायर याचिका जितेंद्र सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य समेत अन्य के संदर्भ में ये निर्देश दिए हैं।
शासन ने इन्हें चार दिन पूर्व ही सभी डीएम को जारी किया इनमें कहा शस्त्र चलाने का टेस्ट आवेदक के खर्च पर एसपी/एसएसपी लेंगे। आवेदक के फिंगर प्रिंट भी लिए जाएंगे। उसे अनिवार्य रूप से आधार कार्ड भी जमा कराना होगा।