केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सहमति के बावजूद सिगरेट की बिक्री और इसके इस्तेमाल पर फिलहाल सख्ती नहीं बरती जाएगी।
कानून मंत्रालय ने संविधान संशोधन से संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रस्ताव को यह कहकर लौटा दिया है कि इसमें आम जनता, राज्य सरकारों और तंबाकू उद्योग से प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से जुड़े लोगों की राय को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए।
इसके बाद ही संशोधन पर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा। सूत्रों के मुताबिक सिगरेट के इस्तेमाल की न्यूनतम आयु सीमा बढ़ाने, खुदरा बिक्री प्रतिबंधित करने और सार्वजनिक इस्तेमाल पर जुर्माना बढ़ाने जैसी रमेश चंद्रा समिति की सिफारिशों पर जनता की प्रतिक्रिया जानने के लिए जल्द ही इसे स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर डाला जाएगा।