दिल्ली विधानसभा चुनावों में कांग्रेस-भाजपा को पटखनी देने वाले अरविंद केजरीवाल आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बड़े दलों के लिए एक सिर दर्द बन गए हैं।
विज्ञापन
जैसे जैसे केजरीवाल ने सफलता की सीढ़ियां चढ़ीं वैसे वैसे उनके नए-नए नाम रखे जाने लगे। कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के नेताओं ने अपने अपने हिसाब से उनका नया नामकरण किया।
किसी ने उन्हें येड़ा कहा तो किसी ने उन्हें मिस गाइडिड मिसाइल बताया। आगे की स्लाइडों में पढ़ें, एक आंदोलनकारी से मुख्यमंत्री तक के सफर में मिले केजरीवाल को कौन-कौन से नाम।
विज्ञापन
शिंदे ने जब बनाया केजरीवाल को येड़ा
दिल्ली पुलिस से टकराव के बाद जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल रेलभवन के आगे धरने पर बैठे तो उनकी सीधी लड़ाई गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से थी।
अपने इस धरने के दौरान केजरीवाल ने गृहमंत्री शिंदे पर जमकर आरोप लगाए थे। इस दौरान केजरीवाल ने कई बार अपना आपा खोया और तू-तड़ाक की भाषा पर उतर आए। केजरीवाल ने शिंदे को सीधे तौर पर भ्रष्ट भी कहा।
इसी हमले के बाद केजरीवाल और गृहमंत्री शिंदे के बीच जुबानी हमले शुरू हुए। महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए सुशील कुमार शिंदे ने उन्हें येड़ा बताया।
गृहमंत्री ने कहा कि 'दिल्ली में एक येड़ा मुख्यमंत्री बैठा है इसलिए दिल्ली पुलिस के जवानों की छुट्टी रद्द करनी पड़ी है।
अराजक मुख्यमंत्री...
ये पहला मौका है जब किसी मुख्यमंत्री को अराजक और फासिस्ट कहा गया हो। सोमनाथ भारती के मसले पर धरने के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सीधे दिल्ली पुलिस से भिड़ गए।
पहले वे गृह मंत्रालय के सामने धरना देने पर अड़ गए, फिर पुलिस ने रेल भवन के पास रोका तो वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुई हैं।
डेढ़ दिन के धरने के दौरान दिल्ली के लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। आवाजाही के लिए मेट्रो स्टेशन बंद रहे और ट्रैफिक जाम की वजह से आम जनता को खूब दिक्कत हुई है।
गणतंत्र दिवस के सुरक्षा इंतजामों को खतरे की आशंका भी सामने आई। इस सारे बवाल के लिए विरोधी दलों ने केजरीवाल को अराजक मुख्यमंत्री बताया।
हालांकि केजरीवाल ने भी अपने भाषण में कहा कि अगर जनता के हितों के लिए कोई मुझे अराजक कहता है तो मैं अराजक हूं।
जब केजरी बने झाड़ूवाल..
चुनावों में आम आदमी पार्टी को झाड़ू चुनाव चिन्ह मिलने के बाद भी विपक्षी दलों ने केजरीवाल की खूब हंसी उड़ाई थी। उनके विरोधियों ने उनके चुनाव चिन्ह से जोड़ते हुए उनको एक नया नाम झाड़ूवाल दिया।
केजरीवाल ने इस नाम को अपना हथियार बनाया और चुनावों के दौरान झाड़ू हाथ में लिए उतरे और अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया।
चुनावों में यही झाड़ू उनकी और उनके नेताओं की पहचान बनीं और उन्हें विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली।
मिस गाइडिड मिसाइल
अरविंद केजरीवाल अपनी नीतियों के कारण भी हमेशा विरोधियों के निशाने पर रहे हैं। वह किस मुद्दे पर क्या करेंगे इसका किसी को अंदाजा नहीं था।
उनके इसी अंदाज के कारण उनके विरोधियों ने उन्हें एक नया नाम 'मिसगाइडिड मिसाइल' दिया। परांपरागत राजनीति से अलग अपने ही अंदाज में राजनीति करने पर भी उनको ये नाम दिया गया था।
कई बार अपने बयानों से भी केजरीवाल ने अपने इस नाम को सही साबित करने का मौका दिया। चुनावों के दौरान केजरीवाल ने कई बार कहा कि हम तो सिर्फ कांग्रेस-बीजेपी का रायता फैलाने आए हैं।
खुजलीवाल बने केजरीवाल
सोशल मीडिया की पप्पू-फेंकू वॉर के बीच जब आंदोलनकारी से नेता बने अरविंद केजरीवाल राजनीति में उतर आए।
कांग्रेस और भाजपा के विरोध से उपजे केजरीवाल सोशल मीडिया में दोनों बड़ी पार्टियों को खटकने लगे। लगातार दोनों बड़ी पार्टियों का विरोध करने पर केजरीवाल को भी सोशल मीडिया में नया नाम दिया गया 'खुजलीवाल'।
अरविंद केजरीवाल का विरोध करने के लिए अक्सर उनके विरोधी इसी शब्द का इस्तेमाल करते आए। दरअसल, केजरीवाल को ये नाम उनके सनसनीखेज खुलासों पर व्यंग्य करते हुए दिया गया।
खुजलीवाल के अलावा अरविंद के विरोधी उनके लिए 'फर्जीवाल' शब्द भी सोशल मीडिया में इस्तेमाल करते हैं।
जनता से किए वादों को पूरा नहीं कर पाने पर मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने उन्हें एक और नया नाम मिस्टर यू टर्न दिया। केजरीवाल पर निशाना साधते हुए भाजपा ने कहा कि केजरीवाल अपने सारे वादों से पलटे हैं।
इसी के साथ भाजपा नेताओं ने उन्हें नौंटकीबाज भी करार दिया। भाजपा नेताओं के आरोप थे कि वह टीवी की सुर्खियां बनने के लिए ऐसे कदम उठाते हैं।
इसी के चलते उन्होंने जनता से ऐसे बड़े-बड़े वादे कर डाले जिनको वह पूरा नहीं कर सकते। अब केजरीवाल अपने इन्हीं वादों से पलट कर दिल्ली को लोगों को आंकड़ों में फंसा दिया है। इसलिए वो असली मिस्टर यू टर्न हैं।