पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस भले ही अपने सांसद तापस पाल के विवादास्पद बयान पर उठे बवाल को शांत करने की कोशिश में लगी हों, लेकिन इस मामले से ममता की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं।
अब तापस पाल का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वे लोगों को माकपा कार्यकर्ताओं के सिर पर धारदार हथियारों से वार करने की सलाह देते नजर आ रहे हैं।
वीडियो के सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति और गरमा गई है। शुक्रवार को इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री के बयान की मांग करते हुए माकपा विधायकों ने हंगामा करते हुए विधानसभा से वाकआउट किया।
मीडिया को मुफ्त में दिया वीडियो
तापस के बयान वाला वीडियो मीडिया को सौंपने वाले व्यक्ति ने कहा है कि उसने देशहित में मुफ्त में वीडियो की प्रति मीडिया को दी है।
इससे ममता की उस टिप्पणी पर सवालिया निशान लगने लगा है जिसमें उन्होंने एक लाख रुपये तक में खबर बिकने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि मीडिया सुनियोजित तरीके से छोटी सी घटना को तूल देने की साजिश रच रहा है।
नदिया जिले के दोगाछी ग्राम पंचायत के उप-प्रधान अब्दुल मौल्ला ने कहा कि तापस की सभा का वीडियो उसने ही मीडिया को सौंपा ताकि नेताओं का असली चेहरा सामने आ सके। मौल्ला ने दावा किया कि उन्होंने देशहित में यह काम किया है और इसके एवज में पैसे लेने का आरोप निराधार है।
'धारदार हथियार से सिर पर वार करें'
नदिया में 14 जून को ही एक अन्य गांव में अपने भाषण में तापस ने कहा कि अगर माकपा का कोई सदस्य आपके गांव में आता है तो किसी धारदार हथियार से उसके सिर पर वार करें.......मैं देखूंगा कि कौन पुलिस अधिकारी आपको गिरफ्तार करता है.....मेरा नाम तापस पाल है....किसकी हिम्मत है जो मेरे सामने आ जाए.......।
इस तीसरे वीडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर दबाव और बढ़ा दिया है।
शुक्रवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही माकपा की अगुवाई में वाममोर्चा के सदस्यों ने तापस के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया। उनकी मांग थी कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री को सदन में बयान देना चाहिए।
सदन में विपक्ष के नेता सूर्यकांत मिश्र ने विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि वे मुख्यमंत्री को बयान देने का निर्देश दें। मुख्यमंत्री तब सदन में मौजूद नहीं थीं।
विधानसभा में घिरीं ममता बनर्जी
विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने कहा कि तापस पाल सांसद हैं, इसलिए इस मामले में विधानसभा की कोई भूमिका नहीं है। इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
सदन में उस समय विज्ञान व तकनीक मंत्रालय की बजट मांगों पर बहस चल रही थी। सदन में लगभग एक घंटे तक हंगामा करने के बाद विपक्षी सदस्य बाहर निकल गए।
माकपा नेता अनीसुर रहमान ने बाद में पत्रकारों से कहा कि तापस पाल ने विवादास्पद बयान देकर जितनी गलती है कि उससे कहीं ज्यादा बड़ी गलती ममता बनर्जी ने इसे छोटी घटना करार देकर की है।
सीपीएम नेता सूर्यकांत मिश्र ने तापस की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अपना आरोप दोहराया कि पार्टी और मुख्यमंत्री तापस को बचा रही है।