इन दिनों जनता के दिलोदिमाग पर अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी छाई है। लोगों को बहुत उम्मीदें हैं और अपनी धमाकेदार एंट्री से केजरीवाल ने इन उम्मीदों को आसमान पर पहुंचा दिया है। लेकिन केजरीवाल का जादू केवल आम जनता के सिर चढ़कर बोल रहा है, ऐसा नहीं है।
इन दिनों देश के सभी नेताओं का मिजाज भी बदला-बदला नजर आ रहा है। अब तक एयरकंडिश्नर कमरों में बैठकर जनता के हितों के बारे में चर्चा-परिचर्चा करने वाले नेताजी जनता के बीच जाकर बदलाव लाने की बात कर रहे हैं।
कांग्रेस हो या भाजपा, सभी किसी न किसी रूप में केजरीवाल और आम आदमी पार्टी बनने की कोशिश कर रही हैं। आइए नजर डालें ऐसे नेताओं पर, जो सिर पर खड़े लोकसभा चुनावों के चक्कर में अब केजरीवाल का चोगा पहनने को बेसब्र हुए जा रहे हैं।
राहुल गांधी, कांग्रेस के केजरीवाल!
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को विधानसभा चुनावों में हार से जो शिकस्त मिली, उससे सबक लेते हुए उन्होंने तुरंत जनता से जुड़ने का पैगाम दिया। राहुल गांधी का कहना है कि आम आदमी पार्टी जनता से जुड़ने में कामयाब रही और कांग्रेस उससे सीखने की कोशिश करेगी। उन्होंने पार्टी को बदलने की बात कही।
इसके कुछ दिन बाद जब अन्ना हजारे लोकपाल विधेयक पारित कराने के लिए अनशन कर रहे थे, तो राहुल ने संसद के भीतर भ्रष्टाचार विरोधी रुख अपनाया और लोकपाल बिल पारित कराने के लिए काफी जोर लगाया। इसके अलावा उन्होंने दूसरे भ्रष्टाचार विरोधी कानून पास कराने के लिए संसद का सत्र बढ़ाने का आह्वान भी किया।
और तो और, जब मुंबई के आदर्श सोसाइटी घोटाले के बारे में पूछा गया, तो राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि वह महाराष्ट्र सरकार के जांच रिपोर्ट के खारिज करने के फैसले से इत्तफाक नहीं रखते और इस पर दोबारा विचार होना चाहिए। इसके तुरंत बाद इस दिशा में कोशिशें शुरू हो गईं।
हुड्डा को लगा AAP का करंट!
हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने नए साल पर प्रदेश के 40 लाख घरेलू उपभोक्ताओं को तोहफा देते हुए हर महीने बिजली के बिल में 100 रुपये की छूट देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही प्रापर्टी टैक्स जमा कराने के लिए एक महीने की छूट भी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं की एक महीने में 800 यूनिट तक बिजली खर्च होती है, उन्हें हर महीने 100 रुपये छूट दी जाएगी। चूंकि बिल दो महीने का एक साथ आता है इसलिए एक बिल पर 200 रुपये की छूट मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम पर बोझ पडे़गा, जिसे प्रदेश सरकार अपने बजट से पूरा करेगी।
हुड्डा ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। निगमों ने आयोग के पास वार्षिक राजस्व जरूरत में भी यही मांग की है। पिल्लर बाक्स प्रणाली के विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्वैच्छिक है। जो गांव या क्षेत्र चाहेंगे, वहीं पिल्लर बाक्स लगेगा। अगर पिल्लर बाक्स लगेगा तो उपभोक्ताओं को 30 फीसदी की बिजली बिलों पर छूट मिलेगी।
राजस्थान की महारानी का मन बदला!
दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पुलिस सुरक्षा और सरकारी बंगला नहीं लेने के फैसले का असर अब दूसरे नेताओं पर भी दिखने लगा है। पिछले दिनों पदभार संभालने वाली राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी अपनी सुरक्षा में कटौती करने का निर्देश दिया है, जिससे कि आम लोगों को उनसे मिलने में परेशानी न हो।
राजे ने राज्य के डीजीपी ओमेंद्र भारद्वाज से खुद की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों की संख्या आधा करने को कहा है। मुख्यमंत्री को जेड-प्लस सुरक्षा मुहैया करवाई गई है। भारद्वाज ने कहा कि वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर सुरक्षा इंतजाम और तैनात किए जाने वाले सुरक्षाकर्मियों की संख्या पर नए तरीके से काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा से हटाए गए सुरक्षाकर्मियों को बुधवार को लोगों की सुरक्षा और कानून व व्यवस्था लागू कराने में तैनात किया जाएगा। राजे के प्रेस सलाहकार महेंद्र भारद्वाज ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पुलिस को यह भी निर्देश दिया है कि उनके काफिला के गुजरने के दौरान ट्रैफिक को नहीं रोका जाना चाहिए।
संजय निरुपम की अंतरात्मा ने झकझोरा!
दिल्ली में बिजली टैरिफ में कमी को देखते हुए कांग्रेस सांसद संजय निरुपम ने ऐसी ही मांग अपनी ही पार्टी की महाराष्ट्र सरकार से की है। उत्तरी मुंबई से सांसद निरुपम ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण को लिखे पत्र में 500 यूनिट से कम खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की है।
सांसद ने अपने पत्र में लिखा है कि सरकार को बिजली टैरिफ में कमी करनी चाहिए। सांसद ने मिडिल क्लास और स्लम लोगों को तत्काल राहत नहीं पहुंचाने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की धमकी भी दी। साथ ही निरुपम ने बिजली वितरण कंपनियों के लागत ढांचे और कीमत प्रणाली की जांच कराए जाने की भी मांग की है।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि दिल्ली सरकार के फैसले से मिडिल क्लास और स्लम इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। दिल्ली सरकार ने बिजली वितरण कंपनियों के कैग आडिट कराने के ऐलान के साथ ही बिजली टैरिफ में भी कमी कर दी। उन्होंने कहा कि पिछले 10 सालों के दौरान मुंबई में चार बार बिजली टैरिफ में बढ़ोतरी हो चुकी है।
भाजपा पर चढ़ा केजरीवाल का रंग!
अरविंद केजरीवाल की वजह से दिल्ली की गद्दी तक न पहुंचने वाली भाजपा अब उसी की राह चल पड़ी है। राजधानी के तीनों नगर निगम में सत्ता चला रही पार्टी इनके कामकाज में सुधार लाने के लिए जनता की राय लेगी। इस संबंध में पार्षदों को जिम्मेदारी भी दे दी गई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल ने यह घोषणा की।
प्रदेश कार्यालय में नगर निगम के नेताओं के साथ किए संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में गोयल ने कहा कि तीनों नगर निगम के कामकाज को ऑनलाइन करने और कामकाज में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ उन्हें जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं।
इसके अलावा निगम के कामकाज को बेहतर करने के लिए जनता से सुझाव लिए जाएंगे। हासिल सुझावों को नगर निगम की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा ‘तीनों नगर निगम, प्रॉपर्टी टैक्स और पार्किंग फीस में किसी भी प्रकार की वृद्धि नहीं करेंगी’।
हरियाणा में जागी भाजपा!
दिल्ली के बाद अब फरीदाबाद में भी बढ़े हुए बिजली के बिल और तेजी से भाग रहे मीटर के खिलाफ आवाज उठने लगी है। लेकिन यहां यह आवाज आम आदमी पार्टी ने नहीं भाजपा ने बुलंद की है। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि शहर के बिजली मीटर कम से कम 30 फीसदी तेज भाग रहे हैं। इस वजह से लोगों के बिल ज्यादा आ रहे हैं।
बिजली बिलों में गड़बड़ी के खिलाफ भाजपा जिलाध्यक्ष अजय गौड़ व पार्षद ओम प्रकाश रक्षवाल के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पल्ला सब डिवीजन कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन कर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा।
दोनों नेताओं ने कहा कि काफी समय से बिजली वितरण निगम जो बिल भेज रहा है उनमें प्रति यूनिट बहुत ज्यादा वृद्धि है। निगम के अधिकारियों ने जो स्लैब प्रणाली बनाई है वह गलत है। चाहे किसी का मीटर चले या न चले लेकिन बिल स्लैब प्रणाली के आधार पर ही आता है, जिससे आम जनता पर बहुत ज्यादा बोझ पड़ रहा है।