भारत की सरजमीं पर चीनी सैनिकों की हालिया घुसपैठ को देखते हुए दोनों देश एक नए सीमा रक्षा समझौते पर काम कर रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के अक्तूबर में संभावित बीजिंग दौरे के दौरान हस्ताक्षर किए जाने की उम्मीद है।
सीमा रक्षा सहयोग समझौता (बीडीसीए) विवादास्पद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के 4000 किमी से अधिक क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के आमने सामने आने की स्थिति को रोकने का प्रस्ताव करता है।
समझौते का प्रस्ताव जनवरी में चीनी पक्ष की ओर से किया गया था। भारतीय क्षेत्र में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिकों द्वारा घुसपैठ की घटना के मद्देनजर इस प्रस्ताव पर बातचीत चल रही है।
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते पर अक्तूबर महीने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बीजिंग दौरे के दौरान होने की उम्मीद है।
सूत्रों ने कहा कि प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सैन्य अधिकारियों के साथ ही रक्षा और अन्य मंत्रालय के अधिकारियों के अगले महीने चीन जाने का कार्यक्रम है।
चीन ने नए समझौते के तहत सीमा से लगते इलाकों में ढांचागत निर्माण कार्यों पर रोक लगाने का प्रस्ताव किया था लेकिन इसे भारत ने खारिज कर दिया।