पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की तौर पर मोदी सरकार भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़ी फाइलों का खुलासा नहीं करेगी। पीएमओ ऑफिस ने इस मांग से पल्ला झाड़ते हुए इस दलील को खारिज कर दिया कि इससे बड़ा सार्वजनिक हित जुड़ा हुआ है। पीएमओ ने कहा कि यदि फाइल सार्वजनिक होती हैँ तो इससे विदेशी संबंध खराब होने का खतरा है।
पीएमओ ने कहा, हालांकि सूचना के अधिकार के तहत सार्वजनिक प्राधिकार से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी मांगी जा सकती है, लेकिन यदि इसके सार्वजनिक होने से इसकी सुरक्षा को खतरा हो तो यह सार्वजनिक हित नहीं है।
सूचना अधिकार कार्यकर्ता सुभाष अग्रवाल ने पीएमओ से नेताजी से जुड़ी जानकारी की मांग करते हुए कहा था कि इससे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और इंडियन नेशनल आर्मी के नेता की 70 साल पहले हुई मौत के रहस्य से पर्दा उठने में मदद मिलेगी।