शुक्रवार से छह दिवसीय यात्रा पर भारत आ रहे नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली इसी दौरे में संविधान पर जारी विवाद का हल निकालेंगे। इस संबंध में भारत का पक्ष समझने और सहमति बनाने के लिए चार मंत्रियों, विभिन्न दलों के 13 सांसदों के साथ यहां आ रहे हैं। ओली के बदले रुख से खुश भारत ने उनकी यात्रा को पूरा तवज्जो देने की व्यवस्था की है।
नेपाल के प्रधानमंत्री और उनकी पत्नी को बतौर राज्य अतिथि राष्ट्रपति भवन में ठहरने की व्यवस्था के साथ भारत ने अपने पड़ोसी देश के विकास केलिए कई क्षेत्रों में अहम समझौतों की रूपरेखा तैयार कर ली है। दोनों देशों के प्रधानमंत्री शनिवार को इस रूपरेखा को समझौते की शक्ल देंगे।
दोनों देशों के प्रमुख इसी दिन द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त बयान भी जारी करेंगे। शनिवार को ही पीएम ओली राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री, गृह मंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात करेंगे। अपनी भारत यात्रा के दौरान पीएम ओली उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र का भी दौरा करेंगे।