दिल्ली पुलिस के पूर्व आयुक्त नीरज कुमार ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है, जिनमें उनके हवाले से कहा गया था कि अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम ने उनसे 1993 के बम विस्फोटों के बाद आत्मसमर्पण के लिए सौदेबाजी की थी। दाऊद 1993 में मुंबई में हुए सीरियल विस्फोटों का मुख्य आरोपी है।
एक अखबार में शनिवार को छपे कुमार के इंटरव्यू में कहा गया है कि दाऊद उनके संपर्क में था और वह आत्मसमर्पण करना चाहता था, लेकिन सरकार ने इस योजना पर पानी फेर दिया। वर्ष 1976 बैच के आईपीएस कुमार 2013 में दिल्ली पुलिस के आयुक्त पद से रिटायर हुए थे।
कुमार ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसा कोई इंटरव्यू नहीं दिया। वह एक परिचित रिपोर्टर से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे और रिपोर्टर ने बातचीत को तोड़-मरोड़ कर पेश कर दिया, जो गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है। कुमार ने कहा कि कभी भी दाऊद ने आत्मसमर्पण की बात नहीं कही और न ही किसी ने उसे आत्मसमर्पण करने से रोका।
उस वक्त सीबीआई में डीआईजी के पद पर तैनात कुमार ने मुंबई ब्लास्ट की जांच की थी। उन्होंने स्वीकार किया कि दाऊद से उनकी बात हुई थी, लेकिन वह बातचीत मुंबई सीरियल ब्लास्ट में उसका पक्ष जानने के लिए थी।