फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानसून सत्र में सरकार को घेरने के लिए एनडीए ने की घेराबंदी

Mon, 05 Aug 2013 09:19 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
संसद के मानसून सत्र में भाजपा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा नहीं देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को लिखी गई भारतीय सांसदों के पत्र को प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
विज्ञापन


इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने के लिए राजग में शामिल सभी दल एकमत हैं।

उत्तराखंड आपदा
इसके अलावा पार्टी ने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से निपटने में हुई लापरवाही, तेलंगाना मामला तथा इशरत जहां मामले में आईबी और सीबीआई के बीच जंग को भी प्रमुख मुद्दों में शामिल किया है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के यहां हुई राजग की बैठक में सभी घटक दलों ने इन मुद्दों पर एकजुट हो कर सरकार को घेरने पर सहमति जताई।

सत्र में सरकार को घेरने के लिए रविवार को भाजपा नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में सहमति के बाद शाम में राजग की बैठक में रणनीति पर चर्चा हुई।

मोदी वीजा
बैठक में भाजपा और अकाली दल के नेताओं के अलावा हजकां के कुलदीप विश्नोई और शिवसेना के अनंत गीते शामिल हुए।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि मुख्य मुद्दा गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को वीजा न देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति को पत्र लिखने का मामला होगा।

गौरतलब है कि विभिन्न दलों के लगभग पांच दर्जन सांसदों ने ओबामा को पत्र लिखा था।

हालांकि बाद में कुछ सांसदों ने अपने हस्ताक्षर फर्जी होने का दावा किया, मगर अमेरिका में हस्ताक्षरों के फोरेंसिक टेस्ट के बाद इसे सही पाए जाने का दावा किया गया था। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार इस मुद्दे पर राजग के शामिल सभी दलों में सहमति है।
विज्ञापन


दुर्गा शक्ति नागपाल
भाजपा ने उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा के दौरान राहत कार्य में बरती गई लापरवाही, इशरत जहां मामले में आईबी और सीबीआई के बीच विवाद, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का निलंबन, तेलंगाना राज्य के लिए इसी सत्र में विधेयक लाने, डॉलर के मुकाबले रुपया के लगातार कमजोर होने, खाद्य सुरक्षा विधेयक के लिए अध्यादेश लाने, चीनी घुसपैठ, ठीक चुनाव से पहले भूटान को पेट्रो पदार्थों की सब्सिडी बंद करने जैसे मुद्दे को भी अपने एजेंडे में शामिल किया है।

तेलंगाना
हालांकि सरकार के लिए मुसीबत यह है कि उसे महज 18 बैठकों में लगभग चार दर्जन विधेयक पेश या पारित कराना है। सरकार के सामने सपा से बढ़ती तल्खी और तेलंगाना मामले में अपने सांसदों के विरोध को थामने की चुनौती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें