कांग्रेस नेता एनडी तिवारी ने रोहित शेखर को गोद लेकर अपना नाम देने का आश्वासन दिया था, मगर बाद में मुकर गए। इतना ही नहीं उसे अपना पुत्र भी मानने से इनकार कर दिया। रोहित की मां उज्ज्वला शर्मा ने गठित आयोग के समक्ष उक्त बयान दिया। उन्होंने इस तथ्य को गलत बताया कि कांग्रेस लॉबी के साथ मिलकर उन्होंने तिवारी को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा था।
रोहित शेखर ने स्वयं को तिवारी का बेटा बताया है। उज्ज्वला शर्मा ने भी रोहित को तिवारी का बेटा बताते हुए तिवारी को इसे स्वीकार करने का निर्देश देने का आग्रह किया है। लोकल कमिश्नर पूर्व न्यायाधीश विमला माकिन के समक्ष उज्ज्वला ने कहा कि रोहित के जन्म व दाखिले के समय उन्होंने पिता के नाम पर तिवारी का नाम लिखवाने का आग्रह किया था।
तिवारी ने इससे मना कर दिया व तर्क रखा कि इससे उनके राजनीतिक जीवन पर असर पड़ेगा। तिवारी ने तब आश्वासन दिया था कि वे रोहित को गोद लेकर उसे अपना नाम दे देंगे। उन्होंने तिवारी के वकील के उस तर्क को गलत बताया कि उसने अपने पहले पति बी.पी. शर्मा के साथ मिलकर तलाक के लिए आवेदन इस कारण किया ताकि तिवारी को बदनाम किया जा सके।
उज्जवला शर्मा ने इस तथ्य को भी गलत बताया कि कांग्रेस लाबी नहीं चाहती थी कि तिवारी प्रधानमंत्री बने इसी कारण उनके इशारे पर तलाक का आवेदन दायर किया गया। उज्ज्वला शर्मा से जिरह कल भी जारी रहेगी।