महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी पार्टी एनसीपी ने एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे को पुणे में घुसने से रोकने संबंधी अपनी धमकी को वापस ले लिया।
इस कदम को दोनों पार्टियों के बीच पिछले कुछ दिनों से जारी हिंसक झड़पों को खत्म करने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है। एमएनएस प्रमुख के एनसीपी नेता और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के खिलाफ बयान के चलते दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता कई बार एक दूसरे पर हमला कर चुके हैं।
एनसीपी सांसद और शहर यूनिट के अध्यक्ष वंदना चव्हाण ने कहा कि यह फैसला पार्टी प्रमुख शरद पवार के निर्देश पर लिया गया है। हमारी पार्टी संविधान और हर एक व्यक्ति के स्वतंत्र मूवमेंट में विश्वास करती है।
हमारे कुछ नाराज कार्यकर्ताओं ने राज ठाकरे को पुणे में घुसने से रोकने का फैसला किया था। उन्होंने यह निर्णय राज ठाकरे के हमारे नेताओं के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी के चलते किया था।
हाल ही में अहमद नगर जिले के भीनगर में एनसीपी कार्यकर्ताओं के राज ठाकरे के काफिले पर पथराव के बाद दोनों पार्टियां आमने सामने आ गई थीं।
इस घटना से नाराज एमएनएस कार्यकर्ताओं ने ठाणे जिले में एनसीपी कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की थी और राज्य के कुछ स्थानों पर हिंसक झड़प भी हुई थी।