छत्तीसगढ़ में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों में मतदान करने पर नक्सलियों ने ग्रामीणों को गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी देना शुरू कर दिया है।
वहीं केंद्र सरकार ने ऐसी किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए चालीस हजार अतिरिक्त अर्द्धसैनिक बलों को वहां भेजा है।
उल्लेखनीय है कि 90 सदस्यीय छत्तीसगढ़ विधानसभा के लिए 11 और 19 नवंबर को दो चरणों में चुनाव होने हैं।
सूत्रों के मुताबिक, नक्सलियों ने पिछले हफ्ते ही राज्य के बस्तर जिले के कई गांवों को दौरा किया है। उन्होंने पोस्टर बांटने के अलावा ग्रामीणों से आगामी चुनाव में वोट न देने को कहा है।
उग्रवादियों ने चेताया है कि अगर किसी की उंगलियों पर मतदान करने के निशान दिखाई दिए तो ऐसे लोगों की उंगलियां काट ली जाएंगी।
सूत्र के अनुसार, पिछले चुनावों में नक्सलियों ने लोगों से सिर्फ चुनाव का बहिष्कार करने को कहा था। मगर इस बार उन्होंने इसके गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी है।
नक्सलियों की धमकी को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अर्द्धसैनिक बलों की 400 अतिरिक्त कंपनियां (40,000 जवान) भेजी हैं, ताकि वहां शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न हो सके।
हालांकि राज्य में पहले से ही नक्सल विरोधी कार्रवाई के लिए अर्द्धसैनिक बलों के 27 हजार जवान तैनात हैं।