प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नक्सलियों को कड़ी चेतावनी देते हुए राज्यों से इस लड़ाई में साथ देने की अपील की है।
छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं पर हुए हमले को लोकतंत्र पर प्रहार बताते हुए मनमोहन ने कहा कि नक्सल को केंद्र और राज्य के आपसी सहयोग के बिना खत्म नहीं किया जा सकता। पीएम ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में नक्सलवाद के लिए कोई जगह नहीं है।
नक्सली हमले पर गंभीर चिंता जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस लड़ाई में सभी राजनीतिक दलों को शामिल करने की पक्षधर है। प्रधानमंत्री ने राज्यों से महिलाओं और बच्चों के उत्पीड़न के खिलाफ भी एकजुट होने की जरूरत पर जोर दिया।
आंतरिक सुरक्षा मुद्दे पर आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन के दौरान नक्सल प्रभावित राज्यों के सीएम की अलग से बैठक हुई। मनमोहन सिंह और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे की मौजूदगी मे करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में नक्सल विरोधी कार्रवाई संबंधी कई अहम फैसले लिए गए।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि इस लड़ाई में नक्सलियों की फंडिंग पर चोट करने की सख्त जरूरत है। अगर केंद्र चाहे तो सभी प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्री इस दिशा में साथ मिलकर काम कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राजनीतिक पार्टियों को मिलकर देश की सुरक्षा की चुनौती से निबटना होगा। उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सभी पक्षों के सुझावों का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री के मुताबिक आंतरिक सुरक्षा की दिशा में पुलिस सुधार बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसके बिना देश की तरक्की के लिए अहम सांप्रदायिक सौहार्द को सुनिश्चित करना संभव नहीं।
प्रधानमंत्री के मुताबिक अल्पसंख्यकों और कमजोर तबके के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। जम्मू-कश्मीर के सुधरे हालात का जिक्र करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि वहां आतंकी वारदात में साल दर साल कमी आ रही है। उन्होंने उत्तर-पूर्व के हालात को भी बेहतर बताया।