देश की शीर्षस्थ खुफिया एजेंसियों के आगाह के बाद यूपी के ‘नो नक्सल जोन’ में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
इस संबंध में खुफिया एजेंसियों ने नक्सली हमले की आशंका जताई है। इसके साथ ही नक्सली गतिविधियों से जुड़े लोगों को चिह्नित कर उनकी धरपकड़ तेज कर दी गई है।
एएसपी ऑपरेशन अवधेश पांडेय ने कहा कि पुलिस चिह्नित नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही उन क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित करें जो नो नक्सल जोन और आसपास के क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
सोमवार को नक्सल प्रभावित जनपद सोनभद्र, चंदौली और मिर्जापुर के पुलिस अधिकारियों की सोनभद्र पुलिस लाइन में हुई बैठक के बाद मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक आपरेशन ने बताया कि देश की शीर्षस्थ खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया है कि नक्सली अब ‘नो नक्सल जोन’ में वारदात अंजाम देने की तैयारी में हैं।
ऐसी स्थिति में गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के साथ ही उनसे सटे और आसपास के इलाकों में भी पुलिस की पैनी निगाहें होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सतर्कता, तत्परता, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा निर्देश में बनाई गई कार्ययोजना और खुफिया तंत्र मजबूत कर पुलिस नक्सली वारदात पर काबू पा सकती है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल जुलाई के प्रथम सप्ताह में झारखंड में पाकुड़ के एसपी अमरजीत बलिहार और पुलिस के पांच जवानों की माओवादियों ने हत्या कर दी थी। दो पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
जबकि पाकुड़ और दुमका माओवादियों के गढ़ के रूप में नहीं जाना जाता था और न ही पूरे क्षेत्र को नक्सली गतिविधियों के लिए चिह्नित किया गया था।