सरकार को अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के कमजोर होने की लगातार खबरें मिल रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ और अमेरिका के दाऊद इब्राहिम को आतंकवादियों की सूची में डालने के बाद एजेंसियों की सख्त नजर ने उसके रियल एस्टेट, शिपिंग और ट्रांसपोर्ट के धंधों में दीमक लगा दिया है। इस मौके को देखते हुए केंद्र सरकार पाकिस्तान से दाऊद को सौंपने का दबाव बना रही है।
उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों के मुताबिक पाक की नवनिर्वाचित सरकार ने बैक चैनल के जरिए संकेत दिया है कि दोनों देशों के नए रिश्तों की शुरुआत और विश्वास बहाली के लिए नवाज शरीफ सरकार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दाऊद का तोहफा दे सकती है।
सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि अमेरिका की ओर से पाकिस्तान की सरकार पर भारत के साथ संबंध सुदृढ़ करने का भारी भरकम दबाव है। इस बात को समझते हुए भारत ने मोस्ट वांटेड सूची के आतंकियों को सौंपने की शर्त लगा रखी है।
पाकिस्तान सूची में शामिल लश्कर आतंकी हाफिज सईद या लखवी जैसे आतंकियों की बात नहीं कर कमजोर पड़ रहे दाऊद पर ही अपना दांव खेलेगा। बैक चैनल कूटनीतिक बातचीत में पाकिस्तान ने इस बात के संकेत दिए हैं।
पिछले पांच सालों से दाऊद ने क्रिकेट सट्टेबाजी को ही अपना मुख्य धंधा बना रखा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे दूसरे धंधे उसके हाथ से निकलते जा रहे हैं।
लेकिन पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने कुख्यात सट्टेबाजों से दाऊद की सीधी बातचीत का सबूत दे कर उसके इस धंधे पर भी गहरा आघात कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि दाऊद ने आईपीएल में अपनी गहरी पैठ बनाने के लिए 2008-09 में ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी से मिलने की कोशिश की थी। बात नहीं बनती देख दाऊद ने मोदी को जान से मारने तक की धमकी दे डाली थी।
मुंबई पुलिस ने सितंबर 2010 में मोदी पर मंडरा रहे इस खतरे की जानकारी लिखित तौर पर सभी एजेंसियों को भेजी थी। मुंबई पुलिस के मुताबिक मोदी जब भी भारत आएंगे उन्हें सरकार की ओर से सुरक्षा मुहैया करायी जाएगी। ललित मोदी 2010 से इंग्लैंड में रह रहे हैं।
खुफिया एजेंसी सूत्रों के मुताबिक दाऊद का दाहिना हाथ छोटा शकील मुंबई के रियल एस्टेट के धंधे को संभाल रहा है।
मुंबई की झुग्गी झोपड़ी को कानूनी तरीके से बसाने और उसकी जगह रियल एस्टेट बनाने की राज्य सरकार की योजना में दाऊद को धंधे की काफी संभावनाएं दिख रही थीं।
लेकिन यहां दाऊद का विरोधी छोटा राजन ज्यादा मजबूत साबित हो रहा है। राजन ने 1993 धमाकों के मुंबई जेल में बंद आरोपी अबू सलेम को अपनी इस योजना में शामिल कर लिया है।
कभी दाऊद का भरोसेमंद सलेम फिलहाल भले जेल में है, लेकिन राजन और सलेम के हाथ मिलाने से मुंबई में दाऊद की पकड़ निश्चित रूप से कमजोर पड़ रही है। इन दोनों को काबू में रखने के लिए दाऊद को मुंबई में काफी खून बहाना होगा, जो कि फिलहाल उसके वश में नहीं।