नेवी वॉर रूम लीक मामले के मुख्य आरोपी रवि शंकरन को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। ब्रिटेन ने मंगलवार को शंकरन को मुकदमे का सामना करने के लिए भारत भेजने का आदेश दिया है।
ब्रिटिश सरकार के इस कदम से कई महीनों से लंबित इस मामले की अदालती कार्यवाही में तेजी आ सकती है।
शंकरन पर वॉर रूम की गोपनीय सूचनाएं हथियार डीलरों को लीक करने का आरोप है। मार्च, 2006 में सीबीआई द्वारा मामला दर्ज करने के बाद से ही शंकरन फरार है।
लंदन में ब्रिटिश गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, ‘22 मई को गृह मंत्री थेरेसा मे ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण प्रकाश के करीबी रिश्तेदार शंकरन को भारत प्रत्यर्पित किए जाने का आदेश जारी किया।’
साथ ही शंकरन को इस मामले में अपील करने के लिए 14 दिनों का समय दिया है। अपने प्रत्यर्पण के खिलाफ शंकरन की अपील ब्रिटिश कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के ठीक दो महीने बाद यह आदेश आया है।
सूत्रों के मुताबिक, शंकरन के प्रत्यर्पण का दबाव बना रही सीबीआई ने ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट को आश्वस्त किया था कि वह शंकरन की जमानत का विरोध नहीं करेगी।
उल्लेखनीय है कि रिटायर्ड नौसेना कमांडर शंकरन को मई, 2010 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। उसे वहां 20 हजार पाउंड के मुचलके पर सशर्त जमानत दी गई थी।