फरवरी से देश भर में एक सर्किल से दूसरे सर्किल में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) की सुविधा ग्राहकों को मिलने लगेगी। यानी उन्हें देश के किसी भी दूसरे क्षेत्र में जाकर रहने पर अपना नंबर नहीं बदलना होगा, वे अपने पुराने नंबर को ही उस सर्किल में पोर्ट यानी स्थानांतरित करा सकेंगे। दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने बृहस्पतिवार को ‘इंडिया टेलीकॉम 2012’ कार्यक्रम के दौरान यह जानकारी दी।
फिलहाल, एमएनपी की सुविधा ग्राहकों को मौजूदा टेलीकॉम सर्किल के लिए ही मिलती है। यानी जब ग्राहक दूसरे सर्किल में जाता है, तो वह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा नहीं ले सकता है। सिब्बल के दावे के अनुसार फरवरी से ग्राहकों को दूसरे सर्किल में जाने पर भी यह सुविधा मिल सकेगी। उदाहरण के तौर पर यदि दिल्ली के किसी व्यक्ति का स्थानांतरण कोलकाता हो जाता है तो वह अपने पुराने नंबर को ही कोलकाता सर्किल में पोर्ट करा सकेगा, जिसके बाद उसका पुराना नंबर ही वहां काम कर सकेगा।
सिब्बल ने कहा कि राष्ट्रीय दूरसंचार नीति 2012 को समय से लागू करने के लिए दूरसंचार विभाग ने अगले तीन महीने का एजेंडा तैयार कर लिया है। इसके तहत कुछ प्रमुख लक्ष्य फरवरी 2013 तक हासिल कर लिए जाएंगे। इनमें स्पेक्ट्रम की कीमत और उससे जुड़े दूसरे मामले, एकीकृत लाइसेंस, विलय और अधिग्रहण संबंधी दिशानिर्देश, स्पेक्ट्रम साझा करने, रिसर्च और अनुसंधान के लिए कोष, पूरे देश में एमएनपी लागू करना आदि शामिल हैं।
नंबर पोर्टेबिलिटी:-
यदि दिल्ली के किसी व्यक्ति का स्थानांतरण कोलकाता हो जाता है तो वह अपने पुराने नंबर को ही कोलकाता सर्किल में पोर्ट करा सकेगा, जिसके बाद उसका पुराना नंबर ही वहां भी काम कर सकेगा।
मौजूदा स्थिति:-
फिलहाल, एमएनपी की सुविधा ग्राहकों को मौजूदा टेलीकॉम सर्किल के लिए ही मिलती है। यानी जब ग्राहक दूसरे सर्किल में जाता है, तो वह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा नहीं ले सकता है।