उत्तर रेलवे ने लखनऊ-दिल्ली के बीच डबल डेकर ट्रेन दौड़ने की कवायद तेज कर दी है। ट्रेन 511 किलोमीटर की दूरी छह घंटे में पूरी करेगी। ट्रेन में शताब्दी के मुकाबले प्रति कोच 50 सीटें अधिक और रफ्तार तेज होगी। रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने डबल डेकर कोच का उत्पादन भी बढ़ा दिया है।
14 कोच बनकर तैयार
मंडल रेल अधिकारियों का कहना है कि रेल कोच फैक्ट्री कपूरथला ने अब तक 14 कोच तैयार किए हैं। जैसे ही रेलवे बोर्ड की हरी झंडी मिलेगी इन्हें लखनऊ रवाना किया जाएगा। संचालन से पहले पूरे ट्रैक का निरीक्षण सेफ्टी कमिश्नर (संरक्षा आयुक्त) करेंगे। आयुक्त की रिपोर्ट के बाद डबल डेकर ट्रेन के संचालन की तिथि घोषित होगी। ट्रेन की गति 160 किलोमीटर प्रतिघंटे होगी।
6 घंटे में सफर होगा तय
अधिकारियों ने बताया कि कई सेक्शन में ट्रैक की गति थोड़ी कम है, लेकिन डबल डेकर ट्रेन लखनऊ से दिल्ली बिना स्टॉपेज के साढ़े पांच घंटे में पहुंचेगी। अगर दो-तीन बीच में स्टॉपेज बने तो सफर छह घंटे का हो जाएगा।
ट्रेन की खासियत
- डबल डेकर के कोच में कुल 128 सीटें।
- स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटे।
- ट्रेन की सीटें अग्निरोधक।
- तकनीकी तौर पर और भी बेहतर।
- स्टेनलेस स्टील से हुआ है कोच का निर्माण।
- कोच के दोनों डोर पर लगेज स्टोर का प्रबंध है।
- कोच में चार जगह अग्निशमन यंत्र लगे हैं।
- कोच में चढ़ने-उतरने के लिए कुल चार दरवाजे हैं।
-एक कोच की कीमत करीब ढाई करोड़ रुपये है।
-जयपुर-दिल्ली के बीच डबल डेकर के संचालन के बाद अब रेलवे का पूरा ध्यान दिल्ली-लखनऊ के बीच संचालन पर है। इसके संचालन को लेकर मंडल और बड़ौदा हाउस अधिकारियों के बीच मीटिंग चल रही हैं। कोशिश है कि जल्द इस रूट पर भी डबल डेकर को चलाया जाए।
-वाईएस राजपूत, सीनियर पीआरओ, नार्दर्न रेलवे