पुरबालियान गांव इन दिनों अनजाने खौफ के साए में है। कोई लगातार महिलाओं को निशाना बनाकर उनकी चोटियां काट रहा है। कोई उसे रीछ तो कोई बिल्ली बता रहा है। दहशत का आलम ये है कि लोग रात जाग कर काट रहे हैं। बुधवार रात तीन महिलाओं पर हमले की घटना के बाद गुरुवार को हुई पंचायत में ऐलान कर दिया गया कि ‘जो भी हो पकड़कर मार डालो।' बाकायदा इस फैसले के पोस्टर भी गांव के गली-मोहल्लों में चस्पा दिए गए हैं।
पुरबालियान गांव के कुरैशियान मोहल्ले में अनजाने प्राणी ने ग्रामीणों के दिलो दिमाग में ऐसा खौफ पैदा कर दिया है कि उनके दिन का चैन और रात की नींद उड़ गई। पहले चार दिनों में तो लोग महिलाओं की चोटियां कटने की घटनाओं को हल्के में लेते रहे, लेकिन लगातार दो दिन में चार महिलाओं की घर में घुसकर चोटी काटने की घटना से लोग अब सहम गए हैं। महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा दहशत में हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, बुधवार रात घर में सो रही आबिदा पत्नी नूर हसन की चोटी काट ली गई। यही नहीं, गोद में सो रहे डेढ़ साल के बालक को छीनने का भी प्रयास किया गया। शोर-शराबा होने पर वह प्राणी रीछ की तरह छलांग लगाते हुए भाग गया। पूरे मोहल्ले में लोग जग गए। इसी बीच वह प्राणी अदृश्य हो गया। इससे पहले शाहिरा की चोटी काटी गई। गुरुवार को ग्रामीणों ने पंचायत कर ऐलान कर दिया गया कि रात में हर कोई अपनी छत पर रहकर पहरा देगा।
पता नहीं क्या बला है?
दहशत का कारण बनी यह बला क्या है? यह अभी साफ नहीं हो पा रहा है। हमले का शिकार हुई आबिदा तो गहरे सदमे में है। उस साए का नाम लेते ही उसके हाथ-पैर कांपने लगते हैं। आबिदा का कहना है कि वह रीछ जैसा है, जबकि नजाकत उसे बिल्ली की तरह बता रहा है। नाजिम भी घबराई हुई है। अब तक करीब 11 महिलाएं और पुरुष अनजान साए के हमले का शिकार हो चुके हैं। पुलिस प्रशासन की तरफ से इस दहशत से लोगों को मुक्त कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए हैं।