महामहिम की कुर्सी के चुनावी रण का नामांकन पर्चा भरने की रस्म अदायगी करने के बाद अब प्रणव मुखर्जी का विजय रथ 30 जून से देशव्यापी भ्रमण पर निकलेगा। अपने चुनाव प्रचार अभियान में भले ही दादा देशभर में घूमेंगे, मगर उनकी कोशिश रूठी ममता बनर्जी को मनाने की होगी।
दादा ममता के आंगन यानी कोलकाता में 8 जुलाई को जाकर उनका समर्थन मांगेंगे। वहीं, लखनऊ में वह 3 जुलाई को पहुंचेंगे। वहां वह यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती से मुलाकात कर उनको समर्थन के लिए धन्यवाद देंगे।
दादा का चुनाव अभियान 30 जून से चेन्नई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगा। हर दौरे में उनके साथ एक केंद्रीय मंत्री होगा। वहीं चुनाव आयोग ने प्रचार अभियान में उन्हें बुलेट प्रूफ गाड़ी इस्तेमाल करने की इजाजत दे दी है। अपने चुनाव अभियान की शुरुआत में दादा चेन्नई, हैदराबाद और बंगलूरू के दौर पर होंगे।
इसके बाद 3 जुलाई को मुखर्जी लखनऊ जाकर अपने सबसे बड़े वोट बैंक से को सहेजेंगे। दादा इस दौरे पर कांग्रेस और रालोद के साथ ही समाजवादी पार्टी और बसपा के विधायकों से मिलेंगे। 7 जून को दादा गुवाहाटी पहुंच कर भाजपा समर्थित उम्मीदवार पीए संगमा के गढ़ में सेंध मारने की कोशिश करेंगे।
उधर, तृणमूल सांसद और ममता के विरोधी दिनेश त्रिवेदी ने उम्मीद जताई है कि बंगाल की मुख्यमंत्री यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को समर्थन दे सकती हैं। हालांकि इस सिलसिले में अंतिम फैसला दादा के बंगाल दौरे के दौरान ममता के रुख के बाद ही सामने आ पाएगा। दादा 7 और 8 जुलाई की अपनी कोलकाता यात्रा के दौरान ममता से मिलने की संभावनाएं भी टटोल सकते हैं।