डीजल के दाम बढ़ाने और रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या में कटौती के सरकारी फैसले का चौतरफा विरोध हो रहा है। सरकार के सहयोगी दलों और मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने कड़ा विरोध जताते हुए फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
फैसले से ममता बनर्जी बेहद नाराज
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि वह सरकार के इस फैसले से बेहद नाराज है। 15 सितंबर को तृणमूल कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर एक रैली निकालेंगे। ममता ने सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने को कहा।
डीजल 5 रुपये महंगा, एक साल में मिलेंगे सिर्फ 6 सिलेंडर
विरोध प्रदर्शन करेंगे सपा कार्यकर्ता
समाजवादी पार्टी ने भी सरकार से डीजल के बढ़े दाम तुरंत वापस लेने को कहा है। सपा प्रवक्ता रामगोपाल यादव ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए सरकार को निर्णय बदलने को कहा। उन्होंने कहा कि फैसले के विरोध में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर सपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करेंगे। वहीं द्रमुक ने भी सरकार के इस फैसले पर ऐतराज जताया है।
आम आदमी की बढ़ेंगी मुश्किलें
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जयललिता ने कहा कि डीजल के दाम बढ़ाने के संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय हालात का हवाला देना गलत है। केंद्र सरकार ने समय रहते कोई ठोस कदम उठाए होते तो इजाफे का फैसला टाला जा सकता था। वहीं भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता ने इसे आम आदमी की परेशानी बढ़ाने वाला कदम बताया। दासगुप्ता ने कहा कि पार्टी इस फैसले का विरोध करती है और इसे वापस लेने की मांग करेगी।
बेलगाम महंगाई और बढ़ेगी
भाजपा ने डीजल के दाम बढ़ाने तथा गैस सिलेंडरों की संख्या कम करने से संबंधित यूपीए सरकार के फैसले की कड़ी निंदा की है। बिफरी भाजपा ने इसे सरकार का गरीब विरोधी फैसला बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है। भाजपा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से पहले से बेलगाम महंगाई और बढ़ेगी। इससे आम लोगों की मुश्किलें भी बढ़ जाएंगी।
डीजल पांच रुपये प्रति लीटर महंगा
उल्लेखनीय है कि सरकार ने डीजल की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर वृद्धि करने का फैसला किया है। वहीं रसोई गैस का दाम सीधे बढ़ाने की बजाय सरकार ने सब्सिडी के सिलेंडरों की संख्या घटा दी है। अब एक परिवार को साल में सब्सिडी वाले 6 सिलेंडर ही मिलेंगे। इस तरह आम आदमी को इन छह के अलावा हर सिलेंडर के लिए लगभग दोगुनी कीमत (740 से लेकर 775 रुपये तक) चुकानी होगी।
यह एक ऐसा निर्णय है जिससे आम आदमी सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। दाम बढ़ाने के बारे में हमसे कोई विचार-विमर्श नहीं किया गया। तृणमूल कांग्रेस इस मूल्यवृद्धि का विरोध करती है।
-मुकुल रॉय, रेल मंत्री
यह आम आदमी के साथ एक भद्दा मजाक है। इससे किसान भी प्रभावित होंगे, हम सरकार को लोगों को लूटने की अनुमति नहीं दे सकते। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में कमी आने के बावजूद सरकार द्वारा की गई इस मूल्यवृद्धि से साफ पता चलता है कि उसकी पेट्रोलियम माफिया से मिलीभगत है।
-मुख्तार अब्बास नकवी, भाजपा उपाध्यक्ष