बिहार में पटना धमाकों के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी दो नवंबर को पीड़ितों से मिलने पटना जाएंगे। हादसे के बाद मोदी पहली बार पीड़ितों से मिलेंगे।
27 अक्तूबर को पटना के गांधी मैदान में नरेंद्र मोदी की 'हुंकार रैली' से पहले आठ धमाके हुए थे, जिसमें छह लोगों की जान चली गई।
इससे पहले भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को धमाकों के बाद पीड़ितों से न मिलने पर भी भारी आलोचना का सामना करना पड़ा था। विपक्षी दलों का यह भी कहना था कि इतने बड़े हादसे के बाद भी मोदी ने रैली को संबोधित क्यों किया और पीड़ितों का जिक्र भी नहीं किया।
विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने मंगलवार को कहा था कि धमाकों के बाद रैली को संबोधित नहीं करना चाहिए थे लेकिन उनके कार्यक्रम में कोई भी बदलाव नहीं हुआ।
उन्होंने मोदी पर कटाक्ष करते हुए यह भी कहा कि धमाकों में घायल हुए लोगों को देखने जाने के बजाए नरेंद्र मोदी रैली में चले गए जबकि उन्हें मामले की जानकारी लेनी चाहिए थी।
खुर्शीद ने मोदी के भाषण में धमाकों का जिक्र न होने की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि जो कुछ हुआ और जो लोग मारे गए उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया क्योंकि यह उनकी(मोदी) स्क्रिप्ट में नहीं था।
नरेंद्र मोदी के अलावा गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे की भी ब्लास्ट के बाद फिल्म कार्यक्रम में जाने की निंदा की गई थी। वह रविवार शाम ब्लास्ट के कुछ घंटों बाद ही 'रज्जो' फिल्म के म्यूजिक लॉन्च के कार्यक्रम में चल गए थे।
इस पर शिंदे ने कहा था कि इस कार्यक्रम में शिरकत करने का उनका बहुत दिल था।
पटना धमाकों की जांच की जा रही है। अभी तक गांधी मैदान से और पांच जिंदा बम मिल चुके हैं और कई संदिग्धों को भी पकड़ा गया है।