प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए पहली तिमाही में हासिल 5.7 फीसदी की विकास दर का हवाला दिया है। एनडीए सरकार के सत्ता संभालने के बाद पहली बार अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन से उत्साहित मोदी ने कहा कि इससे बेहद सकारात्मक माहौल बना है।
यह भारत में जापानी निवेश को बढ़ावा देने में मदद करेगा। मोदी ने अपनी सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों का खुलासा करते हुए कहा कि
अर्थव्यवस्था के कई सेक्टरों में एफडीआई सीमा बढ़ाना नई सरकार का अहम कदम है। निवेशक भी सरकार के इस कदम की तारीफ कर रहे हैं।
जापान के चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री निप्पोन किदेनरेन और जापान-इंडिया बिजनेस को-ऑपरेशन कमेटी की ओर से आयोजित भोज समारोह के दौरान मोदी ने कहा कि भारत ने पहली तिमाही में 5.7 फीसदी की जीडीपी दर हासिल की है और इससे भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति बेहद सकारात्मक माहौल बना है।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान दोनों जगह की सरकारों को मिले स्पष्ट जनादेश और राजनीतिक स्थिरता से दोनों देशों के संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि भारत में जापान के निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत एक खास प्रबंधन टीम बनाई जाएगी।
इस सिलसिले में फैसले लेने के लिए जापान की ओर से दो सदस्य नामित किए जाएंगे। ये उस टीम के हिस्से होंगे, जो जापानी निवेशकों और कारोबारियों के प्रस्तावों की जांच करेंगे। यह प्रक्रिया परियोजनाओं में होने वाली देरी को खत्म करेगी।