कांग्रेस समेत कई महिला संगठनों के निशाने पर आए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जासूसी प्रकरण की जांच का आदेश दिया।
प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए रिटायर महिला जज के नेतृत्व में दो सदस्यीय आयोग का गठन किया है। आयोग में गुजरात हाईकोर्ट की रिटायर महिला जज सुगन्याबेन के भट्ट और प्रदेश के रिटायर अतिरिक्त मुख्य सचिव केसी कपूर शामिल हैं।
आयोग से तीन महीने के अंदर अपनी रिपोर्ट देने को कहा गया है। मोदी के इस कदम को डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रदेश के वित्त मंत्री नितिन पटेल ने बताया कि सरकार ने एक महिला की जासूसी कराए जाने के आरोपों की जांच के लिए एक आयोग का गठन किया है।
गुजरात सरकार ने एक बयान में कहा है कि मामले के सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद प्रदेश सरकार ने व्यापक सार्वजनिक हित में सच्चाई को सामने लाने के लिए जांच कराने का फैसला किया है। इसके लिए दो सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है।
वेबपोर्टल कोबरापोस्ट और गुलेल द्वारा गुजरात में 2009 के दौरान एक युवती की जासूसी कराने के खुलासे के बाद कांग्रेस लगातार मोदी पर तीखे हमले कर रही है। साथ ही कांग्रेस इस मामले की जांच सीबीआई से कराने और मोदी की पीएम पद की उम्मीदवारी पर भाजपा से पुनर्विचार करने की मांग कर चुकी है।
सोमवार को कांग्रेस की महिला मोर्चा समेत कई महिला संगठनों ने इस संदर्भ में राष्ट्रपति से मुलाकात कर हस्तक्षेप की अपील की थी। साथ ही निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप शर्मा ने भी मोदी पर महिला की जासूसी कराने का आरोप लगाया है और इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।