चुनावी मोड में उतर चुके भाजपा के ‘ब्रांड’ नरेंद्र मोदी अब अगले माह अगस्त से पूरे देश में कांग्रेस को ललकारते नजर आएंगे।
अगस्त से ही संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। ऐसे में एक ओर जहां भाजपा संसद के अंदर सियासी माहौल गरमाएगी, वहीं दूसरी सड़कों पर मोदी गरजते दिखेंगे।
अभी तक देश के विभिन्न हिस्सों में छुटपुट कार्यक्रमों में शामिल होकर कांग्रेस पर हमला कर रहे मोदी अगस्त से विधिवत तौर पर देश के व्यापक दौरे पर निकलने जा रहे हैं।
इसके लिए सभी प्रदेशों-क्षेत्रों के लिए मोदी के कार्यक्रम तैयार हो रहे हैं। भाजपा की चुनाव अभियान समिति की कमान संभाल रहे मोदी को इस कार्यक्रम से पहले टीम भी मिल जाएगी।
आगामी 18 जुलाई को पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड मोदी की टीम तथा विभिन्न कमेटियों के लिए तय नामों को हरी झंडी दिखा देगा।
इसके बाद संसदीय बोर्ड जुलाई में ही एक और बैठक कर चुनाव प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार कर लेगा। भाजपा लोकसभा के साथ ही पांच राज्यों के चुनावों की तैयारी में जुटी है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा को इन राज्यों से बड़ी उम्मीद हैं। इसलिए मोदी को इन राज्यों में भी उतारा जाएगा। हालांकि पार्टी की प्राथमिकता उत्तर प्रदेश और बिहार हैं, क्योंकि ये दोनों प्रदेश लोकसभा के लिए 120 सांसद भेजते हैं।
इसलिए भाजपा मोदी के दौरों के लिए इन दोनों राज्यों पर विशेष ध्यान दे रही है। इन राज्यों में भाजपा मोदी को लेकर पिछड़ा कार्ड भी खेल सकती है।
लोगों को बताया जाएगा कि मोदी जैसा पिछड़े वर्ग का नेता पहली बार प्रधानमंत्री पद का दावेदार है। मोदी के कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए भाजपा के साथ ही संघ परिवार के सभी संगठन भी जुटेंगे। मोदी मंगलवार को नागपुर जाकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत से भी इस दौरे के लिए उनका आशीर्वाद भी ले चुके हैं।