केंद्रीय मंत्रियों को निजी सचिवों की नियुक्ति में छूट देते हुए अपनी पसंद का पीएस और पीए रखने की मांग को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फिर से ठुकरा दिया है।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम केंद्रीय मंत्रियों की मांग को दरकिनार करते हुए कार्मिक विभाग ने अपने नए आदेश में यह जरूर कहा है कि मंत्री चाहें तो अपनी पसंद का ड्राइवर, चपरासी और अटेंडेंट रख सकते हैं। मगर पिछले दस साल में किसी मंत्री के पास रहे निजी सचिव रहे अधिकारी को रखा नहीं जा सकता है।
राजनाथ सिंह समेत तमाम केंद्रीय मंत्रियों ने प्रधानमंत्री कार्यालय से इस संबंध में बनाए नए नियम में छूट देने की मांग की थी।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जरिए भी कई मंत्रियों ने प्रधानमंत्री पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। मगर मोदी सरकार के नए आदेश में भी मंत्रियों को कोई राहत नहीं दी है।