दिल्ली के अंबेडकरनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चुनाव आते और जाते रहेंगे, लेकिन देश को बांटने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।
मोदी ने जनता की ओर सवाल उछालते हुए कहा कि 1984 के दंगा पीड़ितों को न्याय नहीं मिलना चाहिए? लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं तो वे कहते हैं कि हम राजनीति कर रहे हैं।
मोदी ने कहा कि 1984 के दंगों के लिए अदालत ने कहा है कि एसआईटी का गठन किया जाए। तो क्या हमें एसआईटी का गठन नहीं करना चाहिए? मोदी ने कहा कि हम विकास के लिए काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
मोदी के निशाने पर चुनावी सर्वेक्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में चुनावी सर्वेक्षणों को आड़े हाथों लिया है। मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनावों में कहा जा रहा था नरेंद्र मोदी बनारस तीन लाख वोटों से हार जाएंगे।
आश्चर्यजनक रूप से मुलायम सिंह यादव, मायावती और ममता बनर्जी जैसे नेताओं का सहारा लेते हुए मोदी ने कहा कि लोकसभा चुनावों में जिन नेताओं ने मुख्यमंत्री के रूप में तीन या चार बार काम किया था, उनका प्रधानमंत्री के रूप में नाम नहीं उछाला गया, लेकिन जिसने एक चुनाव नहीं लड़ा उसे प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बताया गया।
चुनाव घोषणापत्र में नॉर्थ-इस्ट के नागरिकों को 'इम्मीग्रेंट्स' बताए जाने के मसले पर मोदी ने कहा कि पार्टी ने गलती मान ली है, लेकिन कुछ लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए देश की एकता के साथ खेल रहे हैं।
हवा का रुख किस ओर है ये मैंने देखा है
ओपिनियन पोलों में पिछड़ रही भाजपा को नरेंद्र मोदी की रैली से बहुत उम्मीद हैं। लोकसभा चुनाव के बाद हुए सभी विधानसभा चुनावों को भाजपा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ही लड़ा है।
हालांकि दिल्ली में उन्होंने किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है।
अपनी अंतिम रैली की शुरुआत मोदी ये कहते हुए कि दिल्ली में जब लोकसभा चुनाव हो रहे थे, उस समय मेरी सभाओं में उतनी भीड़ी नहीं आ रही थी, जितनी भीड़ विधानसभा चुनाव में हो रही है। मोदी ने कहा कि हवा का रुख किस ओर है ये मैंने देखा है।
प्रधानमंत्री की दिल्ली में अंतिम चुनावी रैली
दिल्ली के चुनावी माहौल में बेहद गर्मी है, ये अलग बात है कि पहाड़ों पर पड़ रही बर्फ के कारण मौसम बेहद सर्द है। ओपिनियन पोलों में पिछड़ रही भाजपा की जमीन बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली में आखिरी रैली कर रहे हैं। अंबेडकर नगर में हो रही ये रैली पिछले पांच दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चौथी रैली है।
मंगलवार को प्रधानमंत्री ने जापानी पार्क में रैली की थी। उस रैली में मोदी ने दो दिनों पहले सामने आए 'चंदा कांड' के कारण आम आदमी पार्टी को आड़े हाथों लिया था।
केजरीवाल का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि वे खुद को ईमानदार बताते हैं, लेकिन उनकी बेईमानी आंखें खोलने वाली है। मोदी ने कहा कि आजकल काले धन की खूब चर्चा हो रही है, लेकिन काली रात, घनघोर काली रात में काले धन के काले कारनामे पहली बार देश को देखने को मिले।
मोदी ने कहा कि जो नेता स्विस बैंक में काला धन जमा कराने वालों के खातों की जानकारी जेब में रखकर चलता था, उसके खाते में किसके पैसे आते रहे, इसका उसे पता ही नहीं चला। वह ईमानदारी का ढोंग करते रहे।
मोदी के निशाने पर आप और कांग्रेस
आम आदमी पार्टी पर ताबड़तोड़ हमला करते हुए मोदी ने कहा कि बेशर्मी देखिए, जब उनसे पूछा जाता है कि कांग्रेस से समर्थन क्यों लिया तो कहते हैं कि हमने मांगा नहीं उन्होंने दिया था। चार्टर प्लेन में बिजनेस क्लास में क्यों बैठकर गए तो कहते हैं हमने नहीं उन्होंने दिया। चंदा कैसे लिया, तो वे कहते हैं हमने नहीं लिया उन्होंने दिया। उनमें बेईमानी की हिम्मत है, झूठ की ताकत है, लेकिन भूल जाते हैं कि देश गलती माफ कर सकता है बेईमानों को कभी नहीं माफ करता।
कांग्रेस पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि देश ने तो पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और इंदिरा गांधी को भी माफ नहीं किया। राजीव गांधी को मिस्टर क्लीन के रूप में पेश किया गया था। बाद में उनके ऊपर जो छींटे पड़े, उसने पूरे देश की आंखें खोलकर रख दी थीं।
मोदी ने आप और कांग्रेस पर जनता का भरोसा तोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पुरानी पार्टी है, उसे बिगड़ने में 125 साल लगे हैं, जबकि नई पार्टी का तो जन्म से ही बुरा हाल है।
'दुनिया में भी भारत की साख बढ़ी है'
अपनी अंतिम चुनावी रैली में मोदी ने कहा कि मुझे गरीब की जिंदगी में बदलाव लाना है। मेरी राजनीति का एक ही रास्ता है, एक ही मकसद है और एक ही मंत्र है-विकास।
मोदी ने कहा कि हर गरीब को मकान दिलाना हमारा मकसद है। और वह मकान उसी इलाके हो, जहां वह काम करता। रोजीरोटी कमाता है। मकान ऐसा भी नहीं कि जिसमें केवल चार दीवारें हों, वहां बिजली पानी भी हो। देश के हर गरीब हो ऐसा मकान हो, यही हमारा मकसद है।
मोदी ने कहा कि भारत की जनता ने भाजपा को बहुमत दिया है, इसलिए दुनिया में भी हमारी साख बढ़ी है।