गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी, जिस युवती की जासूसी की गई उसके पिता और निलंबित आईपीएस अधिकारी प्रदीप शर्मा का भुज कनेक्शन सामने आया है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक 2004 में भुज में हुए एक कार्यक्रम में प्रणलाल सोनी के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आए थे। इसमें प्रदीप शर्मा ने उनकी मदद की थी।
लड़की के पिता प्रणलाल सोनी भुज में एक सुनार थे और वहां काफी जाने जाते थे। भुज में साल 2001 में आए भूकंप के बाद सोनी ने वहां अपनी ज्वैलरी शॉप लगाई और वहां के धवस्त हुए बाजार के निर्माण में भी योगदान दिया। यह भी चर्चा है कि प्रणलाल सोनी आरएसएस के सदस्य भी बने थे।
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प्रदीप शर्मा ने की मदद
65 साल के सोनी भुज रोटेरी क्लब के प्रमुख सदस्यों में से थे। उनकी धोबी स्ट्रीट पर भुज की सुहाग रोड के कोने में हेम ज्वैलर्स नाम से दुकान थी, जो शहर में बहुत प्रसिद्घ थी। तीन भाइयों में दूसरे नंबर के प्रणलाल ने मेकैनिकल इंजीनियर की डिग्री भी ली लेकिन फिर पिता के साथ ज्वैलरी के काम में आ गए और खूब नाम भी कमाया।
भुज के ज्वैलरी बाजार के कारोबारी सोनी को भूंकप के बाद वहां के बाजार की सड़क चौड़ी करवाने का भी श्रेय देते हैं। उन्होंने प्रदीप शर्मा की मदद से अन्य दुकानदरों से बात कर यह काम करवाया था।
सड़क के चौड़ीकरण का काम जनवरी 2004 में खत्म हुआ और उस समय मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्धाटन किया।
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बारह सालों में काफी कुछ बदल गया है और प्रणलाल ने कुछ महीनों पहले अपनी ज्वैलरी शॉप बेच दी है। वह अब अपनी पत्नी के साथ अहमदाबाद में रहते हैं।
मोदी से संबंधों पर सवाल
सोनी ने राष्ट्रीय महीला आयोग को भेजे अपने पत्र में अपनी बेटी की जासूसी मामले में नरेंद्र मोदी को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा है कि मुख्यमंत्री से पारिवारिक संबंधों के कारण उनके कहने पर ही लड़की सुरक्षा प्रदान की जा रही थी।
वहीं, सोनी के परिवार के सदस्यों का कहना है कि वो नहीं जानते कि सोनी 2004 के उद्घाटन के बाद नरेंद्र मोदी से कभी मिले भी हैं या नहीं।
रोटेरी क्लब के अध्यक्ष किशोर तन्ना बताते हैं कि प्रणलाल सोनी क्लब के सक्रिय सदस्य रहे हैं लेकिन राजनीति से उनका वास्ता नहीं रहा। उन्हें नहीं लगता की सोनी के मुख्यमंत्री से कोई संबंध हैं।
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सोनी के तीन बच्चे हैं। दो बेटे इंजीनियरिंग कर रहे हैं और बेटी आर्किटेक्ट है, जिसने भुज और अलंग में कई सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए काम किया है। युवती के पति अहमदाबाद में टी लाउंज चलाते थे।
प्रदीप शर्मा ने साल 2011 के अपने एफिडेविट में कहा था कि गुजरात सरकार के एक महिला से संबंध के बारे में जानने के कारण उन्हें मोदी सरकार ने प्रताड़ित किया।
वेबसाइट ने किया खुलासा
दो वेबसाइट कोबरा पोस्ट और गुलेल ने गुजरात के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री और मोदी के करीबी अमित शाह पर अपने ‘साहेब’ के लिए बंगलूरू की एक आर्किटेक्ट युवती की अहमदाबाद में जासूसी कराने का आरोप लगाया था।
इनका दावा था कि वर्ष 2009 में न केवल युवती और उसके रिश्तेदारों के फोन सर्विलांस पर लगाए गए, बल्कि एटीएस, क्राइम ब्रांच और सीआईडी ने युवती की पल-पल की जानकारी शाह को मुहैया कराई।
लड़की के पिता का कहना है कि लड़की की सुरक्षा के लिए ऐसा किया गया क्योंकि वह दूसरे शहर में थी। कांग्रेस का आरोप है कि अमित शाह के 'साहेब' नरेंद्र मोदी हैं और यह किसी की निजता का हनन है। इस मामले की जांच भी की जा सकती है।