अपने पितामह लालकृष्ण आडवाणी और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के ऐतराज को दरकिनार कर भाजपा अब लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के लिए नरेंद्र मोदी के नाम का विधिवत ऐलान करने जा रही है।
पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था केंद्रीय संसदीय बोर्ड शुक्रवार को मोदी के नाम पर औपचारिक तौर पर मुहर लगा सकती है।
इसके बाद भाजपा पितृपक्ष से पहले मोदी के नाम की घोषणा कर देगी। माना जा रहा है कि 17 सितंबर को मोदी के जन्म दिवस पर उनके नाम की घोषणा हो सकती है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी चाहता है कि पितृपक्ष शुरू होने से पहले ही मोदी के नाम का ऐलान कर दिया जाए। संघ ने भाजपा से साफ कर दिया है कि मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए।
संघ के नेता राम माधव ने कहा कि देश भर में चलाए जा रहे अपने कार्यक्रमों के दौरान संघ के सदस्यों ने महसूस किया कि जनता परिवर्तन चाहती है। हमें भी इसकी अनुभूति हुई है। संघ की दलील है कि मोदी को जनता का समर्थन और सम्मान प्राप्त है।
माधव ने कहा कि मोदी को कब प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाए, यह तय करना भाजपा का काम है। बहरहाल, संघ व भाजपा की दो दिनी समन्वय बैठक के बाद भाजपा अब मोदी के नाम की घोषणा की तैयारी में जुट गई है।
पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसी हफ्ते संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाने का फैसला कर लिया है। इधर, मोदी ने भी अपना जनसंपर्क तेज कर दिया है।
जयपुर के बाद अब वे लगातार हरियाणा में रेवाड़ी, मध्य प्रदेश में भोपाल और दिल्ली में भी रैलियों को संबोधित करेंगे।