भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने चुनाव आयोग के नोटिस के जवाब में कहा है कि खूनी पंजा एक अलंकारिक शब्द है, जिसका उन्होंने कांग्रेस की खराब शासनपद्धति के लिए छत्तीसगढ़ की सभा में इस्तेमाल किया था।
कांग्रेस के राजनीतिक फैसलों की आलोचना करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, इसलिए खूनी पंजा शब्द का इस्तेमाल करना चुनावी आचार संहिता का मामला नहीं है।
सूत्रों के अनुसार मोदी ने कांग्रेस की शिकायत पर आयोग से मिले नोटिस का जवाब मंगलवार शाम को भेज दिया। चुनाव आयोग इसका अध्ययन कर रहा है।
मोदी ने अपने जवाब में कहा है कि उन्होंने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ की जिस पूर्ववर्ती सरकार के लिए खूनी पंजा शब्द का प्रयोग किया है वह सरकार के कामों तथा नीतियों के संबंध में है। कांग्रेस इस शब्द की गलत व्याख्या कर रही है।
अपने जवाब में मोदी ने कहा है कि राजनीतिक दल के रूप में विपक्षी सरकारों की आलोचना करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे मौके पर अलंकारिक शब्दों का प्रयोग भी नया नहीं है।
उन्होंने अपने स्पष्टीकरण में कहा है कि उनके बयान में आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का कोई मामला नहीं बनता है। आयोग मोदी के जवाब तथा कांग्रेस से मिली शिकायत एवं बयानों की सीडी के अध्ययन के बाद जल्द ही इस मामले में अपना फैसला सुना सकता है।