भाजपा के 'प्रधानमंत्री' नरेंद्र मोदी ने कानपुर की विजय शंखनाद रैली में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को आड़े हाथों लिया।
एक कहानी के जरिए मोदी ने रोजगार के लिए उत्तर प्रदेश में हो रहे प्रवासन का सवाल उठाया और कानून व्यवस्था की बदतर हालत की ओर इशारा किया।
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हालांकि इस कहानी में ही अप्रत्यक्ष रूप से उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक अन्य मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सुशासन पर सवाल उठा दिया है।
उन्होंने निशाना तो साधा यूपी की कानून व्यवस्था को लेकिन उदाहरण देते हुए वो शिवराज के सुशासन को भी कठघरे में खड़ा कर गए।
मोदी ने अपने भाषण में कहा कि मेरे गुजरात के हर जिले में यूपी के लोग हैं। उन्होंने कहा कि 'यूपी का कोई बेटा जब रोजगार के गुजरात के सफर पर निकलता है तो मां रात भर जागती रहती है और पूछती रहती है कि गुजरात आया कि नहीं।'
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यूपी की कानून व्यवस्था पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'वह मां रात भर अपने बेटे को फोन करती रहती है। कभी सामान के बारे में पता करती है, तो कभी जान के बारे में।'
उन्होंने कहा कि मां को तभी चैन पड़ता है जब बेटा कह देता है कि वह गुजरात पहुंच गया है।
मध्यप्रदेश को क्यों भूल गए मोदी
मोदी ने अपने भाषण में कहा कि यूपी का बेटा गुजरात पहुंचता है तो ही उसकी मां को चैन से सो पाती है। हालांकि वे यह भूल गए कि यूपी से गुजरात जाने वालीं अधिकांश ट्रेनें मध्यप्रदेश से होकर गुजरती हैं।
उन्होंने जिस काल्पनिक मां का किस्सा सुनाया, मोदी के मुताबिक, वह अपने बेटे के मध्य प्रदेश में होने पर भी बेचैन रहती है। उसे अपने बेटे के सामान की चिंता मध्य प्रदेश में भी सताती रहती है।
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उसे गुजरात में ही पहुंचकर चैन मिलता है। अपनी काल्पनिक कहानी के जरिए मोदी ने मध्यप्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठा दिया। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पिछले 10 सालों से भाजपा की ही सरकार है।
शिवराज सिंह चौहान आठ सालों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और प्रधानमंत्री पद की रेस में मोदी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।