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जगदलपुर में नमो ने किया अटल 'जाप'

Thu, 07 Nov 2013 11:50 PM IST
सुदीप ठाकुर/ अमर उजाला, जगदलपुर
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में आज अपनी पहली चुनावी रैली में केंद्र की यूपीए सरकार पर जमकर हल्ला बोला।
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उन्होंने सूबे की पहली अजीत जोगी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के तीन वर्ष के कार्यकाल को जोर जुल्म और यातना का दौर करार दिया।

उन्होंने कहा कि भाजपा विकास चाहती है और यह चुनाव अगले सौ बरस के विकास की नींव रखने वाले साबित होंगे।

धुर नक्सल प्रभावित बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर के लालबाग में हुई इस सभा में मोदी ने किसी को सबसे अधिक बार याद किया तो वह थे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी।

अपने चालीस मिनट के भाषण में मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के नाम का प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कुल 21 बार जिक्र किया- 14 बार 'संज्ञा' और सात 'बार' सर्वनाम के रूप में!
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मोदी ने कहा यह अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदृष्टि का ही नतीजा है कि छत्तीसगढ़ आज एक अलग राज्य के रूप में विकास कर रहा है, उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्धि और ताकत को पहचाना।

उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कांग्रेस ही सबसे लंबे समय तक सत्ता में रही है, लेकिन उसने आदिवासियों और दलितों को ध्यान नहीं रखा। इसके बजाए कांग्रेसी नेता बस्तर में पिकनिक मनाने आते थे।

इसके उलट वाजपेयी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार आदिवासी मंत्रालय की स्थापना की।

बस्तर में वाजपेयी के जिक्र करने की वजह साफ समझ आती है। वाजपेयी ने 1998 के विधानसभा चुनावों के दौरान जगदलपुर के इसी लालबाग मैदान में प्रधानमंत्री के रूप में छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने का वादा किया था।

मगर नवंबर 2000 में जब मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग कर नया राज्य बनाया गया तो सीटों की संख्या के आधार पर कांग्रेस के अजीत जोगी सूबे के पहले मुख्यमंत्री बन गए।

मोदी ने बिना जोगी का नाम लिया कहा, छत्तीसगढ़ के लोग उनके तीन वर्ष के कार्यकाल के जोर जुल्म को अभी तक नहीं भूले हैं। उन्होंने कोयला घोटाले से लेकर महंगे प्याज के मुद्दे पर कांग्रेस को अपनी चिरपरिचित शैली में जमकर कोसा।

उन्होंने कांग्रेस पर फिकरा कसा, 'पहले उनका नारा था कांग्रेस का हाथ गरीब के साथ, उसके बाद वे हाथ दिखाते रहे, और जब सत्ता में आए तो हाथ आजमाने लगे और जब इसमें मास्टरी आ गई तो वे हाथ की सफाई में लग गए हैं।'

मोदी ने छत्तीसगढ़ के साथ ही नए बने उत्तराखंड और झारखंड की हालत की तुलना की और रमन सिंह सरकार के दस वर्ष के शासन को जमकर सराहा।

रमन की दो रुपये किलो वाली चावल योजना को याद करते हुए उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा, 'शहजादे' कहते हैं कि हमने खाद्य सुरक्षा कानून बनाया, जबकि हकीकत यह है कि रमन सिंह ने सबसे पहले ऐसी पहल की थी।

इसके साथ ही उन्होंने जीरमघाटी में 25 मई को कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हुए हमले का जिक्र करते हुए इसकी तुलना हाल ही में पटना में उनकी रैली के दौरान हुए बम विस्फोट से की और इस बहाने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसने से नहीं चूके।

इस सभा में स्थानीय सांसद केदार कश्यप, जगलपुर से भाजपा के उम्मीदवार संतोष बाफना सहित भाजपा के कई प्रत्याशी भी मौजूद थे।

मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत गोंडी में 'आमचो बस्तर' और 'जोहार' जैसे शब्दों से की और आखिर में 'मोचो बस्तर मोचो वोट' बोलना भी नहीं भूले, मगर सच यह है कि देश के दूसरे हिस्सों में होने वाली उनकी रैलियों जैसा उनका करिश्मा नजर नहीं आया।
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देश के दूसरे हिस्सों में होने वाली मोदी की रैली की तुलना में यहां अपेक्षाकृत संख्या कम नजर आई।

यों तो भाजपा नेता रैली में एक लाख लोगों के शामिल होने का दावा कर रहे थे, मगर यहां 20 हजार के करीब ही लोग पहुंच सके थे और उनमें जगदलपुर से 30 किमी दूर स्थित उसरी से यहां लाए गए सोनारपाल जैसे लोग भी कम नहीं थे, जो फूल छाप को तो जानते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि मोदी कौन हैं!

(फोटो- जगदलपुर में नरेंद्र मोदी की रैली में खाली पड़ी कुर्सियां।)
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