2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा की ओर से नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना के बीच गुजरात में मुख्यमंत्री पद के लिए नए चेहरे की तलाश होने लगी है।
बताया जा रहा है कि नरेंद्र मोदी ने दिल्ली की राजनीति में दोबारा कूदने से पहले गुजरात की कमान अपने किसी विश्वासपात्र को सौंपना चाहते हैं।
इसके लिए उन्होंने दो उत्तराधिकारियों की पहचान भी कर ली है। ये दोनों ही उत्तराधिकारी मोदी के खास सहयोगी और पटेल समुदाय के हैं।
नरेंद्र मोदी की पुरानी सहयोगी और प्रदेश की राजस्व मंत्री आनंदी बेन पटेल को घाटलोडिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ाया जा रहा है।
पूर्व में वह पाटन चुनाव लड़ती थीं, जबकि राज्यमंत्री सौरभ पटेल को बोटाड से अकोटा भेजा गया है। बताया जा रहा है कि ये बदलाव दोनों प्रत्याशियों की की निजी जरूरतों के मुताबिक किया गया हैं।
आनंदी बेन ने सेहत ठीक न होने के कारण अहमदाबाद सीट चुनी है ताकि उन्हें इलाज के लिए ज्यादा यात्रा न करनी पड़े। वहीं सौरभ पटेल को 2014 में दिल्ली जाने के बाद मोदी अपने उत्तराधिकारी के रूप में देख रहे हैं।
आनंदी बेन की सेहत ठीक नहीं रही तो सौरभ पटेल मोदी के उत्तराधिकार बनने के लिए तैयार रहेंगे।
नरेंद्र मोदी ने संसदीय बोर्ड में कहा था कि सौरभ पटेल को जीतने लायक सीट चाहिए क्योंकि अगले विधानसभा में इनकी जरूरत है।
मालूम हो कि सौरभ पटेल ने अमरीका से एमबीए किया है। विवाह के कारण सौरभ अंबानी घराने के संबंधी हैं।
इनकी नजदीकी अडानी से भी बताई जाती है। सौरभ की कॉरपोरेट घरानों में अच्छी पैठ है। गुजरात सरकार में सौरभ ने कई अहम विभागों को संभाला है।