बिहार के चुनावी समर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दस्तक दे दी है। शनिवार को उन्होंने राज्य को कई परियोजनाओं का तोहफा दिया।
पटना के वेटनरी कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने दनियावां-बिहार शरीफ नई रेल लाइन का उद्घाटन किया, पटना और मुंबई के बीच वातानुकूलित सुविधा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई। आईआईटी पटना के परिसर के लोकार्पण के साथ ही उन्होंने इन्क्यूबेशन सेंटर ऑफ मेडिकल इलेक्ट्रॉनिक्स का शिलान्यास किया।
प्रधानमंत्री मोदी के मौजूदा दौरे को आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। शनिवार को मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ मंच पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद भी थे। कार्यक्रम आरंभ होने से पहले दोनों नेता एक दूसरे गुफ्तगू भी करते नजर आए।
नीतीश ने गिनाई बिहार की जरूरतें
दोनों नेताओं के बीच जुबानी तीर भी खूब चला। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की जरूरतों से जुड़ी मांगों को रखते हुए कहा कि पटना की आईआईटी में आर्किटेक्चर, फूड एंड इंजीनियरिंग जैसे कोर्स भी पूरे होने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्रीजी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो मैंने रेल मंत्री के रूप में कई बार राज्य का दौरा किया। मेरी उनसे मांग है कि जो रेल की परियोजनाएं पूरी नहीं हो पाईं हैं, वे जल्द से जल्द से पूरी हों।
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य की कई योजनाएं केंद्र सरकार के पास पेंडिंग पड़ी हुई हैं। केंद उनका अध्ययन करके उन्हें तेजी से आगे बढ़ाए तो राज्य को फायदा होगा।
नीतीश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आज जिस योजना का उद्घाटन किया है, अगर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने छह महीने पहले चुनाव नहीं कराया होता तो उसी समय पूरी हो गई होती। नीतीश कुमार ने अपने भाषण में शनिवार को उद्घाटित हुई योजनाओं का ब्योरा भी दिया।
मोदी ने साधा लालू पर निशाना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश के विकास के लिए राज्य का विकास बहुत जरूरी है।
नीतीश के बयान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'मैं नीतीशजी से सहमत हूं। अटल बिहारी वाजपेयी के शासन में छह महीने पहले चुनाव नहीं कराए गए होते तो बिहार की रेल परियोजनाएं जल्दी पूरी हो गई होती। लेकिन उस चुनाव के बाद ऐसे लोग आए जिन्होंने काम को रोक दिया गया। हमारे आने के बाद वह शुरु हुआ।'
मोदी ने कहा कि राजनीति जिन्हें करना है, वे करें लेकिन इससे नुकसान बिहार का हुआ, बिहार की जनता का हुआ। मोदी ने कहा कि उस चुनाव के बाद रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी इसी बिहार की एक व्यक्ति के पास थी, और उन्होंने कुछ नहीं किया। उल्लेखनीय है कि 2004 के चुनावों के बाद बनी यूपीए सरकार में लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्रालय की ने जिम्मेदारी संभाली थी।
मुजफ्फरनगर में भी रैली करेंगे मोदी
प्रधानमंत्री पटना के बाद मुजफ्फरपुर ने एक रैली को भी संबोधित भी करेंगे।
इस रैली में मोदी के साथ जीतन राम मांझी भी मंच साझा करेंगे। प्रधानमंत्री की यात्रा को लेकर पांच स्तरों पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। तैयारियों की निगरानी मुख्य सचिव और डीजीपी खुद कर रहे हैं।