मोदी सरकार को मुल्क की असहिष्णुता पर की गई मूडीज एनालिटिक्स की टिप्पणी रास नहीं आई और उसने रिपोर्ट यह कहते हुए खारिज कर दी कि यह जूनियर विश्लेषक की व्यक्तिगत राय है। हालांकि मूडीज ने मोदी सरकार की राय से असहमति जताते हुए कहा है ये किसी कर्मचारी की व्यक्तिगत राय नहीं है, बल्कि एजेंसी की स्वयं की राय है।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को मूडीज एनालिटिक्स के विश्लेषक फराज सईद की एक रिपोर्ट आई थी, जिसमें कहा गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने भाजपा सदस्यों को नियंत्रण में रखना चाहिए नहीं तो घरेलू और वैश्विक विश्वसनीयता प्रभावित होगी।
असहिष्णुता के मसले पर घिरी मोदी सरकार मूडीज सरकार के मूडीज की रिपोर्ट परेशानियां बढ़ाने वाली थी। मीडिया में उस पर व्यापक चर्चा हुई, जिसके बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को कहा कि जूनियर विश्लेषकों की इस रिपोर्ट को भारत पर टिप्पणी के तौर पर एक रेटिंग एजेंसी द्वारा ‘मीडिया को जारी किया गया ताकि वह जो चित्रित करना चाहती है उसे मजबूती दी जा सके।’
सरकार ने मीडिया को भी दी नसीहत
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, 'अफसोस की बात है कि भारत सरकार ने पाया कि भारतीय मीडिया के एक खास वर्ग ने मूडीज एनालिटिक्स के जूनियर एसोसिएट अर्थशास्त्री के व्यक्तिगत विचारों को गैर-जिम्मेदाराना तरीके से और तोड़ मरोड़ कर पेश किया।'
बयान में कहा गया है कि आश्चर्य की बात यह है कि भारतीय मीडिया का एक वर्ग मूडीज एनालिटिक्स और मूडीज इन्वेस्टर सर्विसेज में फर्क नहीं कर पाया। न ही पाठकों को इन दोनों में फर्क बताया गया।
मूडीज एनालिटिक्स की ओर फराज सईद ने आशंका जताई थी कि मौजूदा राजनीतिक हालात में सरकार उन सुधारों को शायद ही क्रियान्वित कर पाए, जिनका उसने वादा किया था और जिससे 9 से 10 फीसदी विकास दर पाई जा सकती है। भारत की विकास दर जून में समाप्त तिमाही में 7 फीसदी थी, जबकि उससे पिछली तिमाही में ये 7.5 फीसदी रही थी।
यूपीए सरकार ने गोल्डमैन सैक्श से हुई थी नाराज
सरकार के नोट में कहा गया है कि मीडिया मूडीज एनालिटिक्स और मूडीज इन्वेस्टर सर्विस में फर्क नहीं कर पाया। उल्लेखनीय है कि मूडीज इन्वेस्टर सर्विस क्रेडिट रेटिंग जारी करता है। मूडीज जिन मुल्कों को क्रेडिट रेटिंग देता है, उनमें 120 देश, 11,000 कॉर्पोरेट इश्यूअर शामिल हैं।
मूडीज एनालिटिक्स पूंजी बाजर में जोखिम के प्रबंधन और आंकलन के संबंध में जानकारियां उपलब्ध कराता है। दोनो ही मूडीज कॉर्पोरेशन की शाखाएं हैं, जिसने 2014 में 3.3 बिलियन डॉलर का कारोबार किया था।
नवंबर, 2014 में यूपीए सरकार ने गोल्डमैन सेक्श पर मुल्क की आतंरिक राजनीति में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया था। गोल्डमैन सेक्श ने अपने रिपोर्ट में कहा था, यदि नरेंद्र मोदी 2014 लोकसभा चुनावों के बाद सरकार बनाएंगे तो भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार होगा।