राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन और विदेशों में जमा काले धन की वापसी पर एसआईटी गठित करना नरेंद्र मोदी सरकार की प्राथमिकता में है, यह कहना है देश के नए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का।
मंगलवार को कानून मंत्रालय का कार्यभार संभालने के बाद प्रसाद ने कहा कि देश में जजों की संख्या में बढ़ोत्तरी करना, न्याय तक लोगों की पहुंच आसान बनाने के लिए कोर्ट के बुनियादी ढांचों में सुधार करना और देश को अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ और सुलह मामलों का हब बनाना उनकी सरकार की कई प्राथमिकताओं में से एक है।
जस्टिस एम बी शाह होंगे प्रमुख
मोदी सरकार द्वार गठित इस
एसआईटी के मुखिया जस्टिस एम बी शाह होंगे। इसके अलावा सीबीआई निदेशक,
आईबी अधिकारी, प्रवर्तन निदेशालय के निदेशक और कई बड़े अधिकारी इस एसआईटी
के सदस्य होंगे।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि काले धन की वापसी को लेकर हमारी सरकार संकल्पबद्ध है। इसी के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है।
घोषणापत्र में है काले धन की वापसी का मुद्दा
जजों की नियुक्ति करने वाली मौजूदा जजों के कोलेजियम सिस्टम को खत्म करने के सवाल पर प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय न्यायिक आयोग का गठन तो भाजपा के घोषणापत्र में ही था।
हालांकि, उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर अभी हम मौजूदा व्यवस्था के तहत ही काम करेंगे। अगर कोई सुधार या कुछ और सलाह की जरूरत हुई तो ही हम इस पर विचार कर सकते हैं।
रेल हादसे पर जताया दुख
काले धन के अलावा उत्तरप्रदेश में हुई ट्रेन दुर्घटना पर भी दुख जताते हुए
केंद्र सरकार की ओर से मृतक, घायलों को मुआवजा राशि देने की घोषणा की गई
है।
कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया था। इसके साथ ही आज घटनास्थल पर दो
मंत्रियों कलराज मिश्र और मनोज सिन्हा को भेजा गया था।
2 घंटे तक चली इस कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे की सुरक्षा को लेकर बड़े अधिकारियों से बातचीत भी की।