एक युवती की जासूसी मामले में भाजपा के पीएम पद उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस का हमला जारी है। पार्टी ने शुक्रवार को मोदी के इस्तीफे और राज्य सरकार से इस घटना का स्वत: संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग की।
पार्टी ने दावा किया कि पूरे मामले में कानूनी घेरे से बचने के लिए मोदी ने युवती के साथ समझौता किया। इस समझौते के तहत उक्त युवती की कंपनी को गांधीनगर में करोड़ों की परियोजना आवंटित की गई।
उल्लेखनीय है कि वेब पोर्टल कोबरापोस्ट और गुलेल ने गुजरात के तत्कालीन गृह राज्यमंत्री अमित शाह पर वर्ष 2009 में ‘साहेब’ के लिए युवती की जासूसी कराने का दावा किया था। इस मुद्दे को लगातार तूल दे रही कांग्रेस का कहना है कि शाह के साहेब दरअसल गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
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जासूसी प्रकरण पर शुक्रवार को गुजरात कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल ने मोदी पर हमला बोला। पार्टी प्रवक्ता मीम अफजल, महिला कांग्रेस की अध्यक्ष शोभा ओझा के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में सिंह ने आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर मोदी पर कानूनी घेरे से बाहर निकलने के लिए युवती के साथ सौदा करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इस सौदे के तहत युवती द्वारा संचालित कंपनी को करोड़ों की परियोजना आवंटित की गई। इस कंपनी में युवती के दोनों भाई निदेशक के पद पर हैं। सौदे के कारण युवती और उसके परिवार के लोग शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते।
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सिंह ने कहा कि चूंकि जासूसी की बात साबित हो गई है, इसलिए राज्य सरकार को स्वत: संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए। उन्होंने इस मामले में नैतिकता के आधार पर मोदी के इस्तीफे की मांग की। हालांकि इसके साथ ही यह भी कहा कि उन्हें मोदी से नैतिकता की उम्मीद नहीं है।