हैदराबाद रैली में ‘यस वी कैन, यस वी डू’ के नारे पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई दी है।
मोदी ने कहा है, 'मैंने 2004 में इस नारे का इस्तेमाल गुजरात चुनाव के दौरान किया था। मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नकल नहीं की है।'
अपने समर्थन में मोदी ने 2004 में हुई चुनावी रैली का एक वीडियो भी जारी किया, जिसमें उन्हें ‘गुजरात कैन’ कहते हुए सुना जा सकता है।
वहीं भाजपा का कहना है कि ‘यस वी कैन’ ओबामा का नहीं बल्कि स्वामी विवेकानंद का नारा है।
नारे की खिल्ली
इससे पहले कांग्रेस ने कहा कि मोदी अमेरिकी कंपनी का लिखा भाषण पढ़ रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मोदी के इस नारे पर ट्विट किया। उन्होंने अपने ट्विट में लिखा, 'हमारे पास अब एक फर्जी देसी ओबामा है। फेकू एट हिज बेस्ट।'
पिछले कुछ महीनों से कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस समर्थक 'फेकू' नाम से अलग-अलग हैशटेग का इस्तमाल करते हुए मोदी के विकास के दावों की खिल्ली उड़ाते रहे हैं।
ट्विट की झड़ी
कांग्रेस और बीजेपी के बीच साइबर युद्ध में अब नया सिलसिला 'डब्ल्यू.डब्ल्यू.डब्ल्यू.फेकूएक्सप्रेस.कॉम' से आ जुड़ा है। कांग्रेस समर्थकों की इस वेबसाइट पर लोगों को खींचने के लिए चेन्नई एक्सप्रेस के टिकट देने जैसी स्कीम चल रही है।
दूसरी ओर बीजेपी समर्थकों ने 'नमोइन हैदराबाद' नाम से नया हैशटेग बनाया और इसके बाद 'फेकू एक्सप्रेस' से इसका खूब मुकाबला चला। बीजेपी और कांग्रेस दोनों के समर्थकों ने अपने-अपने हैशटेग से ट्विट की झड़ी लगा दी।
कांग्रेस प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने भी मोदी के भाषण का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि मोदी अमेरिकी कंपनी का लिखा भाषण पढ़ रहे हैं।
किसी का लिखा भाषण पढ़ना गलत नहीं है लेकिन अच्छा होता वह किसी भारतीय टीम के लिखे भाषण को भी पढ़ते।