गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचकों की उस टिप्पणी को नकार दिया है जिसमें उन्हें एक 'तानाशाह' कहा जा रहा है। 'द इकोनॉमिस्ट' को दिए इंटरव्यू में मोदी ने कहा कि गुजरात में राजनीतिज्ञ, नौकरशाही और जनता एक टीम की तरह काम करती है। ऐसे में उन्हें तानाशाह कहना बिल्कुल गलत है।
मोदी ने साफ किया कि बिना टीम भावना के एक अथवा दो साल तक काम किया जा सकता है, लेकिन 12 सालों तक ऐसा करना संभव नहीं। सीएम ने कहा कि गुजरात ऐसा अकेला राज्य है जिसने अपनी नीतियों को इंटरनेट पर अपलोड किया है। हम आम जनता को उसे पढ़ने और सुझाव देने के लिए आमंत्रित करते हैं। संबंधित सुझाव पर विचार करने के बाद उस पर फैसला लिया जाता है।
प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी पर पूछे गए सवाल को एक बार फिर मोदी ने टाल दिया। मोदी ने कहा, 'मुख्यमंत्री बनने से पहले मैंने नहीं सोचा था कि एक दिन मैं गुजरात का सीएम बनूंगा, हां यह जरूर है कि मैं मुल्क की सेवा करना चाहता हूं। कुछ बनने से बेहतर है कि यह सोचा जाए कि कैसे गरीबों और आम जनता की सेवा की जाए'।
मोदी ने कहा कि आठ बार से भारत की जनता ने उन्हें सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री के खिताब से नवाजा है। ऐसे में गुजरात से बाहर के लोगों की उनके बारे में राय साफ झलकती है। धर्मनिरपेक्षता के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सर्टिफिकेट वे खुद को नहीं दे सकते, दूसरे लोग ही यह सर्टिफिकेट उन्हें दे सकते हैं।