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मोदी की ताजपोशी, चौथी बार संभाली गुजरात की बागडोर

Wed, 26 Dec 2012 02:13 PM IST
अहमदाबाद/इंटरनेट डेस्क
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नरेंद्र मोदी ने गुजरात की सत्ता फिर से संभाल ली है। अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में राज्यपाल कमला बेनीवाल ने मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नरेंद्र मोदी चौथी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं।
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शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी, लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, स्मृति ईरानी, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के राज ठाकरे, शिवसेना के उद्धव ठाकरे, अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता, सहारा प्रमुख सुब्रतो राय, अभिनेता विवेक ओबराय सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद थी। समारोह के दौरान मंच पर नरेंद्र मोदी की मां भी बेटे को आशीर्वाद देने के लिए पहुंची। हालांकि इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं दिखे।

नरेंद्र मोदी के साथ सात कैबिनेट और नौ राज्य मंत्रियो ने भी शपथ ली। राज्यपाल कमला बेनीवाल ने इन मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नरेंद्र मोदी ने गुजराती भाषा में शपथ ली।
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कैबिनेट मंत्री के रूप में सौरभ पटेल, आनंदी बहन पटेल, नितिन पटेल, भूपेंद्र सिंह चूडासमा, बाबूभाई बोखीरिया, गणपत बसावा और रमणलाल वोरा ने शपथ ली।

पुरूषोत्तम सोलंकी, वसुबहन त्रिवेदी, नानुभाई वनानी, जयंति कावडिया, गोविंदभाई पटेल, प्रदीप सिंह जडेजा, रजनीकांत पटेल, लीलाधर वाघेला और पर्वत पटेल ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मंत्रिमंडल में पूर्व वित्तमंत्री वजुभाई वाला को शामिल नहीं किया गया है।

इससे पहले मंगलवार को मोदी को नवनिर्वाचित विधायकों ने सर्वसम्मति से अपना नेता चुना। गांधीनगर के टाउन हाल में हुई बैठक में पार्टी के सभी 115 नवनिर्वाचित विधायक मौजूद थे। सभी ने मोदी को राष्ट्रीय पर्यवेक्षक और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली की मौजूदगी में विधायक दल का नेता चुना।

मोदी के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ विधायक और पूर्व वित्त मंत्री वाजू वाला ने किया। प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार किए जाने के बाद जेटली ने मोदी के चुने जाने का ऐलान किया। बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि चुनाव में जो टीम जीती है, वह भाजपा की जीत है।

उन्होंने कहा कि पार्टी रिलेशनशिप मैनेजमेंट में अग्रणी हैं। एक बार जो भाजपा से जुड़ता है, वह ही पार्टी का हो जाता है। पिछले एक वर्ष में सभी मंत्रियों ने सैकड़ों गांवों का दौरा किया और वे लोगों के बीच रहे। यह जीत उसी का परिणाम है। 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के 115 विधायक जीत कर आए हैं।
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