चुनाव प्रचार समिति की कमान संभालने के बाद अपनी पहली रैली में नरेंद्र मोदी ने भाजपा की 'एनडीए प्लस' की योजना को आगे बढ़ाने की बुनियाद रख दी है।
पंजाब में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आयोजित रैली में नरेंद्र मोदी ने गठबंधन सरकारों और चौधरी देवी लाल, बंशी लाल और फारुक अब्दुल्ला जैसे नेताओं के साथ में काम करने के अपने अनुभवों का साझा करते हुए उन्होंने कहा कि हम दलों को भी जोड़ेंगे और दिलों को भी जोड़ेंगे।
उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद ने हिंदुस्तान में सबसे पहले राजनीतिक दलों का जोड़ने का काम किया था।
मोदी ने कहा, 'मुखर्जी ने पहली संसद में ही विभिन्न दलों के 35 सांसदों का मोर्चा बनाया था, वे कांग्रेस की कारगुजारियों का पर्दाफाश करना चाहते थे।'
पूरा देश उत्तराखंड के साथ
उत्तराखंड के दौरे से लौटे मोदी ने रैली में कहा कि आपदा की इस घडी़ में पूरा देश उत्तराखंड के साथ है। उत्तराखंड को इस स्थिति से निबटने में देश मदद करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के निर्माण में किसी ने कितना भी योगदान दिया हो, कांग्रेस किसी के योगदान को मानने के लिए तैयार नहीं है। किसी के बलिदान को वह बलिदान मानने को तैयार नहीं है। ऐसे ही वह श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को भी पूरी तरह से भूला देना चाहती थी।
उन्होंने बताया कि मुखर्जी मानव सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। बंगाल में जब भुखमरी हुई थी तब लोगों के जीवन को बचाने के लिए उन्होंने सेवा यज्ञ चलाया था।
1943 में बंगाल में भुखमरी के समय जिस तरह से उन्होंने लोगों के सेवा के लिए सेवा यज्ञ चलाया था वैसे ही हम उत्तराखंड में प्रभावित लोगों के लिए सेवा यज्ञ करेंगे।
उन्होंने सरकार से श्यामा प्रसाद मुखर्जी की मौत की जांच कराए जाने की मांग की।
युवाओं की चिंता नहीं
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नीति के कारण हमारा युवा बेरोजगार है। अटल जी की सरकार में जितना युवाओं को रोजगार मिला उतना यूपीए सरकार में नहीं मिला। सरकार को युवाओं की चिंता नहीं है।
हिंदुस्तान को तोड़ने वाली कई शक्तियां लगी हुई हैं। देश की एकता पर हमेशा संकट मंडराते रहते हैं। यह सरकार नाकाम है।
कांग्रेस सरकार निरंकुश
सरदार पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और डॉ अंबेडकर को पंडित नेहरू पसंद नहीं करते थे। जब ये तीन महापुरुष उस सरकार से अलग हुए तब कांग्रेस निरंकुश हो गई। इन तीन महापुरुषों के जाने के बाद देश को बहुत हानि हुई, कांग्रेस सरकार निरंकुश हो गई।
सरदार पटेल ने बड़ी कुशलता से देश को जोड़ा लेकिन नेहरू के शासन में कश्मीर मुद्दे पर लिया गया निर्णय आज परेशानी का सबब बना हुआ है। अटल जी की सरकार में कश्मीरियों को मरहम लगाया गया। एकता के सूत्र में बांधने की कोशिश की गई।
प्रधानमंत्री पर हमला
उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि सरबजीत को मार दिया गया, आपने क्या किया, अपने जवानों के सिर काट लिए गए उसके लिए आपने क्या किया?'
भारत निर्माण विज्ञापन पर चुटकी
मोदी ने सरकार के भारत निर्माण विज्ञापन पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने भारत निर्माण विज्ञापन जारी किया था जिसमें कहा गया था कि हक है मेरा जबकि मैंने कहा कि शक है मेरा। मेरे ऐसा कहने के बाद केंद्र सरकार ने इस विज्ञापन को टेलीविजन से हटा लिया। 10 दिनों से यह विज्ञापन अब टीवी पर नहीं दिखाई देता है। यूपीए सरकार को भी अपने विज्ञापन शक है।