दिवाली मिलन के बहाने 26 अक्तूबर को भाजपा और शिवसेना का पुनर्मिलन हो सकता है। दरअसल, महाराष्ट्र में शिवसेना और भाजपा के बीच चल रही रस्साकसी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजग सांसदों और नेताओं के लिए अपने निवास पर दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया है। माना जा रहा है कि इस समारोह में शिवसेना प्रमुख न केवल शिरकत करेंगे, बल्कि गिले शिकवे भी दूर करेंगे।
चुनाव नतीजे आने के बाद प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को रात्रिभोज दिया था। उसमें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल शिवसेना के इकलौते मंत्री अनंत गीते ने शिरकत कर सुलह की दिशा में आगे बढ़ने के संकेत दिए थे। उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले सीटों के बंटवारे के सवाल पर शिवसेना-भाजपा की ढाई दशक पुरानी दोस्ती टूट गई थी। हालांकि चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने के बाद दोनों दल फिर से एक साथ आने की तैयारियों में जुटे हैं।
शिवसेना सूत्रों ने भी पीएम के भोज में उद्धव के शिरकत करने की संभावना की पुष्टि की है। माना जा रहा है भोज के दौरान प्रधानमंत्री और उद्धव के बीच बातचीत के बाद न केवल महाराष्ट्र में सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है, बल्कि विधानसभा चुनाव से पहले टूटी दोस्ती फिर से कायम हो सकती है। संभवत: इन्हीं संभावनाओं के मद्देनजर भाजपा ने अपने विधायक दल की बैठक इस भोज से एक दिन पहले बुलाई है।
माना जा रहा है कि उद्धव और मोदी की मुलाकात के पहले दोनों ही ओर से दोस्ती का हाथ बढ़ाने का माहौल तैयार कर लिया जाएगा। भाजपा सूत्रों का कहना है कि बहुत संभव है कि इस मुलाकात से पहले ही दोनों दल फिर से साथ आ जाएं और उद्धव और मोदी की मुलाकात गर्मजोशी भरे माहौल में हो। अगर ऐसा नहीं हुआ तो भोज के दौरान ही दोनों दलों में सुलह सफाई हो सकती है।