प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे के साथ गंगा आरती देखने की राह आम जनता के लिए भी खोल दी गई है। शनिवार की शाम काशी में आरती देखने की इच्छा से आने वाले देश-दुनिया के पर्यटक और श्रद्धालु दशाश्वमेध घाट पर अब तक की सबसे बड़ी खुशी के नजारे को देखने से वंचित नहीं रहने पाएंगे।
मोदी-शिंजो मढ़ी पर फूलों के वंदनवारों से सजे मंच पर होंगे तो घाट के सामने कतारबद्ध सुसज्जित नाव-बजरे पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए लगाए जाएंगे।
करीब 25 हजार से अधिक लोग नावों पर बैठकर आरती देख सकेंगे। गंगा में बने प्लेटफार्म पर जापानी, भारतीय मीडिया, अफसर और कुछ और लोग होंगे। तैयारियों को मूर्त रूप देने के लिए शुक्रवार की देर शाम दशाश्वमेध घाट पहुंचे केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने यह जानकारी दी।
जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे जब पीएम मोदी के साथ शनिवार की शाम 5:45 बजे दशाश्वमेध घाट पहुंचेंगे, तब भोले की नगरी काशी अब तक के सबसे बड़े महोत्सव के सतरंगी नजारे में चमकती नजर आएगी।
45 मिनट तक गंगा आरती चलेगी
एलईडी और हाइलोजन की चकाचौंध के बीच घाट की सीढ़ियों, मढ़ियों से लेकर मंदिरों के शिखरों, छतों, बारजों और आरती स्थल के पायों पर 500 कुंतल से अधिक फूलों की लतरों, वंदनवारों, झूमरों और अल्पनाओं की लड़ियां दोनों देशों के रिश्तों में खुशबू और रंग बिखेरेंगी। 5:50 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मोदी-शिंजो विश्व कल्याण की कामना से गंगा की पूजा करेंगे। होंगे प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय। 10 मिनट की पूजा के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्री रेड कारपेट वाली सीढ़ियों से घाट के दक्षिणी हिस्से की आखिरी मढ़ी पर बने मंच पर विराजमान होंगे और गंगा आरती शुरू हो जाएगी।
नौ पुरोहित गंगा की महाआरती करेंगे। इसमें तीन नेपाल, तीन हिमाचल, दो काशी और एक असोम के पुरोहित शामिल हैं। उस दौरान 18 देव कन्याएं रिद्धि-सिद्धि के रूप में चंवर डुलाएंगी। 17 कन्याएं घंटे-घड़ियाल बजाएंगी। तीन डमरूदल के साथ रामजनम योगी की शंखध्वनि से शुरुआत होगी। गंगा की लहरों पर घाट से करीब 50 मीटर दूर एनडीआरएफ के जवानों के घेरे के बाहर नाव-बजरे श्रद्धालुओं, पर्यटकों के लिए लगाए जाएंगे। 45 मिनट तक गंगा आरती चलेगी। उस दौरान पारंपरिक वेश में शिव तांडव की झलक दिखाने के लिए कुछ बच्चे भी मौजूद रहेंगे।
इनाम का एलान, रेती से होगी आतिशबाजी
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार की शाम रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के साथ दशाश्वमेध घाट पर आरती की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि दशाश्वमेध के आसपास के घाटों से पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आरती देखने के लिए उतरने दिया जाए। घाट के सामने गंगा की मध्य धारा पर नावों-बजरों की कतार सजाने का उन्होंने निर्देश दिया, ताकि आम लोग दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में गंगा आरती के नजारे को आत्मसात कर सकें।
जब मोदी-शिंजो घाट पर आरती देख रहे होंगे, तब गंगा पार रेती से जमकर आतिशबाजी होगी। उस दौरान खुशियों के आतिशी नजारे की चकाचौंध भी यादगार बनेगी। ऊर्जा मंत्री ने अफसरों को निर्देश दिया कि वह इस खास मौके के लिए नाव-बजरा सजाने के लिए प्रतियोगिता की भी घोषणा करें। जो सबसे अच्छा बजरा, नाव सजाकर लाएगा, उसे पुरस्कृत किया जाएगा। पांच नावों-बजरों को पुरस्कृत करने की योजना है।
रात्रिभोज में शामिल होंगे ढाई सौ लोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे के साथ रात्रिभोज में ढाई सौ लोग शिरकत करेंगे। होटले गेटवे में आयोजित होने वाले रात्रिभोज के लिए आमंत्रण पत्र भेज दिया गया है। इनमें जापानी दल के 70 मेहमान शामिल हैं। इनके अलावा देश-प्रदेश के समाजसेवियों, उद्यमियों, विद्वानों के अलावा राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक आदि शामिल होंगे।
प्रदेश के प्रमुख लोग, जिन्हें भेजा गया आमंत्रण
राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, चंदौली सांसद महेंद्र नाथ पांडेय, मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल, मछली शहर सांसद रामचरित्र निषाद, नेशनल कमीशन फार माइनारिटीज की डॉ. नाहिद आब्दी, आईजी अमरेंद्र कुमार सेंगर, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीआईजी एसके भगत, डीएम राजमणि यादव, एसएसपी आकाश कुलहरि, महापौर रामगोपाल मोहले, सीडीओ विशाख जी, पंडित छन्नू लाल मिश्र, माता आनंदमयी आश्रम के बीके बसु, लेखिका डॉ. नीरजा माधव, भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सैय्यद इतरत हुसैन, उद्यमी आरके चौधरी, काशी विश्वनाथ मंदिर के कुलपति तिवारी, व्यापार मंडल के श्रीनारायण खेमका, शहर-ए-काजी मौलाना गुलाम यासीन, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष पंडित अशोक द्विवेदी, बीएचयू कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति डॉ. पृथ्वीश नाग, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ दूबे, बीजेपी के अशोक धवन, पूर्व महापौर कौशलेंद्र सिंह, एमएलसी लक्ष्मण आचार्य, मुलगंध कुटी विहार के पी शिबली थेरो, तिब्बती मंदिर के फरपू शामतू, जापानी नेशनल के मयोत्सु नागाकुबा, जापानी सारनाथ के कैसंग नरहू योकमा, बौद्ध मंदिर के नमदेग रिनछे, बृज विद्या संस्थान के थांगो तूलकू, आईएमएस बीएचयू के पूर्व निदेशक प्रो. चूड़ामणि गोपाल, संस्कृत विद्वान आचार्य देवी प्रसाद द्विवेदी, कुंवर अनंत नारायण सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता विमला पोद्दार, बनारसी साड़ी के सैय्यदुर्रहमान, दैनिक जागरण के संपादक वीरेंद्र कुमार, हिंदुस्तान के संपादक नागेंद्र प्रताप, अमर उजाला के संपादक अजित वडनेरकर, राष्ट्रीय सहारा के संपादक शशि प्रकाश राय, आज के संपादक शार्दूल विक्रम गुप्त, व्यवसायी सूर्यकांत जालान, उद्यमी दीनानाथ झुनझुनवाला, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल, जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह, दक्षिणी विधायक श्यामदेव राय चौधरी, उत्तरी विधायक रवींद्र जायसवाल, स्नातक एमएलसी चेत नारायण सिंह, शिक्षक विधायक चेत नारायण सिंह, उस्ताद बिस्मिल्लाह खां फाउंडेशन के मैनेजिंग ट्रस्टी सैय्यद अब्बास मुर्तजा शम्सी, महामहोपाध्याय डॉ. भगीरथ प्रसाद त्रिपाठी, काशी विद्यापीठ के पूर्व डीन डॉ. कृष्ण चंद्र पांडेय, कबीरमठ लहरतारा के प्रेम शंकर विश्वकर्मा, सुलभ इंटरनेशल के डॉ. ब्रह्मानंद चतुर्वेदी, मारवाड़ी युवक संघ के अध्यक्ष बैजनाथ प्रसाद, पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त ओपी केजरीवाल, मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, मुख्य सचिव आलोक रंजन, डीजीपी जगमोहन यादव।
महाआरती में दिखेगी लघु भारत की झलक
पीएम मोदी के साथ जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे शनिवार की शाम जब काशी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती देखेंगे, तब वहां लघु भारत की झलक दिखाई पड़ेगी। बनारस में देश भर के लोग रहते हैं।
विभिन्न प्रांतों के नाम पर अलग-अलग मुहल्ले हैं। यहां बंगाली, पंजाबी, गुजराती सहित अन्य प्रांतों के लोगों को उनके प्रांत की पारंपरिक वेशभूषा में गंगा आरती देखने के लिए बुलाया गया है। मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध सहित सभी धर्मों के प्रतिनिधि भी इस दौरान अपने पारंपरिक परिधान में मौजूद रहेंगे। इन सभी लोगों को पास जारी कर दिए गए हैं।
घाट पर साड़ी-सूट से लेकर बुर्का तक और धोती-कुर्ता से लेकर कोट-पैंट तक हर तरह के परिधान में लोग नजर आएंगे। इसकी पूरी कार्ययोजना बना ली गई है। एसपीजी की देखरेख में गंगा आरती देखने के लिए दशाश्वमेध समेत आसपास के घाटों पर 1400 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। समतल स्थान पर 200, सीढ़ियों पर 400 और राजेंद्र प्रसाद घाट पर 800 लोगों के बैठने के लिए व्यवस्था है।
सभी को बाकायदा जांच के बाद दशाश्वमेध घाट से प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। वीआईपी शीतला घाट से प्रवेश करेंगे। चितरंजन पार्क से शीतला घाट जाने वाले मार्ग पर आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी। आरती के दौरान तकरीबन 400 भाजपा कार्यकर्ता घाट पर मौजूद होंगे। इनमें अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, नागरिक सुरक्षा आदि के सदस्यों को भी पास जारी किए गए हैं।
मोदी-शिंजो के होर्डिंग से पटा शहर
नरेंद्र मोदी और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे के स्वागत में पोस्टर और होर्डिंग से पूरा शहर पटा हुआ है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश सरकार के विभागों ने होर्डिंग लगाने में सबसे ज्यादा तेजी दिखाई है। सूचना और पर्यटन विभाग की होर्डिंग हर प्रमुख स्थान पर दिख जाएगी। किसी होर्डिंग में काशी को महात्मा बुद्ध की उपदेश स्थली तो किसी में काशी को देश का हृदयस्थल बताया गया है। केंद्र सरकार और भाजपा ने भी दोनों प्रधानमंत्रियों के स्वागत में जगह-जगह पोस्टर लगाए हैं।
नरेंद्र मोदी और शिंजो अबे शनिवार को बाबतपुर एयरपोर्ट से नदेसर स्थित होटल गेट वे और फिर वहां से दशाश्मवेध घाट पर जाएंगे। इस रास्ते पर पड़ने वाली हर मार्केट और चौराहों पर मोदी-शिंजो के होर्डिंग, बैनर लगाए गए गए हैं। भोजूबीर से कचहरी तक ही एक दर्जन से ज्यादा होर्डिंग्स लगाए गए हैं। नदेसर में होटल गेट वे के पास तो होर्डिंग और बैनर-पोस्टर की भरमार है। अंधरापुल से लहुराबीर, मैदागिन, नई सड़क होते हुए गोदौलिया और दशाश्वमेध तक सड़क के दोनों तरफ दीवारों पर पोस्टर तो बिजली के खंभों पर बैनर लहरा रहे हैं।
मिनट टू मिनट संशोधित प्रोटोकाल
अब 4:25 बजे आएंगे पीएम और 9 बजे होगी वापसी
दोपहर 03:05 बजे: दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ान भरेंगे दोनों वीवीआईपी
04:25: बाबतपुर एयरपोर्ट आगमन। स्वागत और सांस्कृतिक कार्यक्रम
4:40: सड़क मार्ग से रवाना होंगे
05:05: होटल गेटवे पहुंचेंगे
05:05 से 05:25: तक आरक्षित
05:30 बजे होटल से रवाना होंगे
05:45 बजे सड़क मार्ग से दशाश्वमेध घाट पहुंचेंगे
05:45 से 06:35 बजे तक गंगा आरती में शामिल होंगे
06:40 बजे घाट से रवाना होंगे
06:55 बजे होटल गेटवे पहुंचेंगे
06:55 से 07:05 बजे तक समय आरक्षित
7:10 बजे होटल ताज से सड़क से रवाना
07:15 बजे नदेसर पैलेस आगमन
7:15 से 8:20 बजे तक नदेसर पैलेस में जापानी पीएम के सम्मान में सांस्कृतिक कार्यक्रम
8:25 बजे होटल से एयरपोर्ट रवानगी
8:50 बजे एयरपोर्ट पर आगमन और विदाई समारोह
9:00 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे
10: 30 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर आगमन
प्रधानमंत्री की फ्लीट में शामिल होंगे तीन सौ से अधिक वाहन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके जापानी समकक्ष शिंजो अबे का काफिला नदेसर से अंधरापुल, लहुराबीर, मैदागिन और गोदौलिया होते हुए दशाश्वमेध घाट जाएगा। इसके लिए नदेसर मस्जिद के सामने लगे फिक्स बैरियर हटाए जाएंगे। विशेष परिस्थितियों में उनके इस रूट में फेरबदल भी किया जा सकता है। दोनों प्रधानमंत्रियों के लिए सफारी, मर्सिडीज और रेंज रोवर गाड़ियां रिजर्व रखी गई हैं।
संभावना है कि नरेंद्र मोदी सफारी और शिंजो अबे रेंज रोवर से चलेंगे। काफि ले में तीन सौ से अधिक वाहन शामिल होंगे। दोनों पीएम के साथ, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राज्यपाल रामनाईक और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव समेत कई वीआईपी होंगे। शुक्रवार की दोपहर में बाबतपुर से दशाश्वमेध तक रूट का रिहर्सल किया गया।
दोनों प्रधानमंत्रियों के लिए गुरुवार को दिल्ली से दो मर्सिडीज और दो रेंज ग्रोवर गाड़ियां मंगाई गई हैं। पीएम के साथ चलने वाली आठ सफारी भी पहुंचीं। दो सफारी, दो मर्सिडीज और दो रेंज रोवर रिजर्व में रखी गई हैं। नरेंद्र मोदी ज्यादातर सफारी गाड़ी का ही इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कहा जा रहा है वह सफारी से ही चलेंगे। शिंजो अबे मर्सिडीज या रेंज रोवर में चलेंगे।
सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो पीएम के लिए आरक्षित सभी गाड़ियां बुलेट प्रूफ के साथ-साथ तमाम सुविधाओं से सुसज्जित हैं। पीएम के एयरपोर्ट आने के करीबदो घंटे पहले 300 वाहनों का काफिला बाबतपुर पहुंच जाएगा। बाबतपुर से पीएम का काफिला हरहुआ, भोजूबीर होते हुए होटल गेट वे पहुंचेगा। कुछ समय बाद यहां से अंधरापुल, मैदागिन होते हुए दशाश्वमेध गंगा आरती देखने जाएंगे। हालांकि सुरक्षा कारणों से मार्ग में परिवर्तन भी किया जा सकता है।