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मोदी-पवार की 'मुलाकात' बनी रहस्य

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जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे है, राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। हो सकता है कि आने वाले समय में कुछ नए चुनावी समीकरण देखने को मिले, जिनके बारे में आज केवल सोचा जा सकता है।
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मराठी अखबार लोकसत्ता में छपी खबर के मुताबिक एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार की 17 जनवरी को भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के साथ एक गुप्त बैठक हुई थी।

खबरों के मुताबिक दोनों नेताओं में इस बैठक के दौरान आगामी लोकसभा चुनावों को लेकर चर्चा हुई। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक मोदी और पवार की इस चर्चा की जानकारी दोनों पार्टियों के दूसरे बड़े नेताओं को भी नहीं थी।
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बदल रहा है एनसीपी का रुख

बीते कुछ द‌िनों से नरेंद्र मोदी को लेकर ए‍नसीपी की ओर से नरमी के संकेत द‌िए जा रहे थे। एनसीपी के नेता प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मोदी के समर्थन में बयान देते रहे हैं।

हालांक‌ि मीड‌िया में आई इन खबरों के बाद सफाई देते हुए वर‌िष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी ने कहा क‌ि ज‌िस द‌िन इस मीट‌िंग के होने की बात कही जा रही है उस द‌िन पवार ‌द‌िल्ली में थे ही नहीं।

मीड‌िया में इस बात के सार्वजन‌िक होने के बाद भाजपा और एनसीपी के गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल यह कह चुके हैं कि दंगों पर मोदी को घेरना बंद किया जाना चाहिए और अदालत के फैसले का सम्मान होना चाहिए।

ट्वीट करके दावों को बताया न‌िराधार

लोकसत्ता में छपी खबर का खंडन करते हुए शरद पवार ने ट्व‌िटर पर ट‌्वीट क‌िया क‌ि वो एक साल से नरेंद्र मोदी से नहीं ‌मिले। जाहिर है, इस तरह की खबर पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच रिश्ते में खटास ला सकती है।

शरद पवार ने कहा क‌ि राज्यों के दौरे के दौरान और मुख्यमंत्री सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्रियों से म‌िलता हूं। लेक‌िन बीते एक साल नरेंद्र मोदी से क‌िसी तरह की कोई मुलाकात नहीं हु‌ई।

शरद पवार सह‌ित पार्ट‌ी के बड़े नेताओं ने भी इस खबर को न‌िराधार बताते हु‌ए स‌िरे से खार‌िज किया। हालांकि, सियासी गलियारों में यह खबर गर्म है कि एनसीपी और भाजपा के बीच दूरी घट रही है।

प्रफुल्ल पटेल ने की तारीफ

शरद पवार और नरेंद्र मोदी के बीच गुप्त बैठक की खबर मीड‌िया में आने से पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने भी मोदी की तारीफ की।

प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि गुजरात दंगों पर उच्चतम न्यायालय के विशेष जांच दल (एसआईटी) की क्लीन चिट मिलने के बाद अब नरेन्द्र मोदी की दंगों को लेकर घेराबंदी बंद हो जानी चाहिए।

प्रफुल्ल पटेल ने कहा क‌ि अब नरेंद्र मोदी पर 2002 गुजरात दंगों को लेकर हो रही घेराबंदी बंद हो जानी चाह‌िए। पटेल स‌िर्फ एनसीपी के नेता नहीं है बल्क‌ि केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे हैं। ऐसा माना जाता है क‌ि सोन‌िया गांधी और शरद पवार के बीच द‌िल्ली में एक पु‌ल का काम करते हैं।

ड‌ीपी त्रिपाठी ने भी बदले सुर

एनसीपी के प्रवक्ता और वर‌‌िष्ठ नेता डीपी त्रिपाठी ने मोदी के ल‌िए अपने सुर नरम करते हुए मोदी की तारीफ की है। त्रिपाठी ने कहा है क‌ि इस बात में कोई शक नहीं है क‌ि भाजपा के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से कहीं ज्यादा अनुभवी हैं।

त्रिपाठी ने आगे कहा क‌ि मोदी के पास प्रशासन‌िक अनुभव भी ज्यादा है क्योंक‌ि वो तीन बार से गुजरात के मुख्यमंत्री हैं। अनुभव के आधार पर ही सही एनसीपी, मोदी को राहुल से ज्यादा बेहतर व‌िकल्प बता रही है।

शरद पवार की पार्टी के नेताओं की तरफ से आने वाले इस तरह के बयान कांग्रेस के लिए सिरदर्द बन गए हैं, क्योंकि दोनों दलों के बीच पिछले कुछ दिनों में सब सही भी नहीं चल रहा।

कांग्रेस की आलोचना करते रहे हैं पवार

शरद पवार की कांग्रेस से दूरी ये पहली बार नहीं है इससे पहले भी वह कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं। चौतरफा आलोचनाओं से घ‌िरी कांग्रेस के ल‌िए शरद पवार ने मुसीबत खड़ी करते हुए कहा था क‌ि पार्टी का नेतृत्व कमजोर है।

पवार ने कहा क‌ि कांग्रेस को द‌िवंगत प्रधानमंत्री इंद‌िरा गांधी की तरह मजूबत नेतृत्व की आवश्यकता है। व‌िधानसभा चुनाव में चार राज्यों की हार पर शरद पवार ने कहा था क‌ि कमजोर नेतृत्व के कारण ही युवाओं ने कांग्रेस व‌िरोध में वोट क‌िया।

नेतृ्त्व पर सवाल खड़े करते हुए पवार ने कहा था क‌ि इस पूरे मसले पर कांग्रेस को गंभीरता के साथ सोचना होगा।
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'पवार के लिए हमारे दरवाजे-खिड़कियां बंद'

मोदी की पवार से गुपचुप मुलाकात की खबरें सामने आने के फौरन बाद ही शिवसेना ने साफ कर दिया है कि पवार की एनसीपी की एनडीए में कोई जगह नहीं है।

शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा, ‘हम एनसीपी को एनडीए में शामिल होने की अनुमति नहीं देंगे। महाराष्ट्र में शिवसेना-भाजपा गठबंधन में शरद पवार की पार्टी की कोई जगह नहीं है।’

सभी विकल्प खुले होने के एनसीपी नेता डीपी त्रिपाठी के बयान पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा कि न तो हमारे दरवाजे और न ही हमारी खिड़कियां उनके लिए खुली हैं।
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