9 साल पहले इशरत जहां फर्जी एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने बुधवार को अहमदाबाद की विशेष कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की।
चार्जशीट में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके करीबी व यूपी के प्रभारी अमित शाह का नाम नहीं है।
सीबीआई ने इशरत जहां एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा कि इशरत जहां आतंकवादी नहीं थी। हालांकि उसके साथ फर्जी मुठभेड़ में मारे गए अन्य तीन लोगों के आतंकवादी संगठनों से संबंध हो सकते हैं।
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चार्जशीट में किसी भी राजनेता का नाम शामिल नहीं किया गया है। चार्जशीट में भगोड़े पुलिस अधिकारी पीपी पांडे, गिरीश सिंघल (एसपी), डीजी वंजारा, जेआर परमार, तरुण बरोट, अनाजु चौधरी, नरेंद्र अमीन के नाम शामिल हैं। आठवें आरोपी मोहन कलासवा की मौत हो चुकी है।
सीबीआई ने चार्जशीट में इन लोगों पर हत्या, हत्या की कोशिश, सबूत मिटाने की कोशिश की धाराएं लगाई हैं। सीबीआई ने कहा कि गुजरात सरकार और आईबी की मिलीभगत से यह फर्जी एनकाउंटर किया गया।
सीबीआई ने कोर्ट से पूरी चार्जशीट दायर करने के लिए 2-3 दिन का समय मांगा है। सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि उसे इस मामले में अभी और जांच की जरूरत है।
कांग्रेस ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी के राज में राज्य में कई फर्जी एनकाउंटर हुए हैं। इशरत जहां केस में आगे क्या करना है, यह कोर्ट तय करेगा।