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हीनता के चलते संसद नहीं चलने दी जा रही: पीएम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के संबोधन के प्रति धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस दौरान उन्होंने संसद के तमाम प्रतिनिधियों का भी आभार व्यक्त किया। मोदी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का भी जिक्र किया।

मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के उन कार्यों की भी सराहना की जिसका उन्होंने हाल ही में क्रियान्यवयन किया। इस दौरान मोदी ने कई नए कार्यक्रमों का भी जिक्र किया। राष्ट्रपति के भाषण में कही गई बातों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि जब संसद नहीं चलती तो इसमें सरकार का कम और जनता का नुकसान ज्यादा होता है। इससे भी ज्यादा विपक्ष के सांसदों का भी नुकसान होता है।
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मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बातों को दोहराते हुए कहा कि उनका भी मानना था कि संसद में हंगामा करने की वजह से जनता का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि जरूरी मुद्दों पर संसद के दोनों सदनों के सदस्यों को सहयोग करना चाहिए।

विपक्ष में भी प्रतिभाशाली नेता

इस दौरान उन्होंने सदन के सामने यह प्रस्ताव रखा कि 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर सदन में केवल महिला सांसदों को ही बोलने का मौका दिया जाए। इसके अलावा हफ्ते में एक दिन ऐसा तय किया जाए जिसमें केवल पहली बार संसद में आए प्रतिनिधियों को बोलने का मौका दिया जाए।

मोदी ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कुछ लोगों कहते हैं कि यह बिल हमारा है वो बिल हमारा है लेकिन क्या जीएसटी बिल आपका नहीं है? यह भी तो आपका ही बिल है। इसे पास करवाने में भी समर्थन दें।'

सदन के सामने मोदी ने कई अन्य बातों को भी रखा। उन्होंने कहा कि विपक्ष में भी कई प्रतिभाशाली नेता हैं लेकिन उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता। ऐसा इसलिए क्योंकि विपक्ष को लगता है कि कहीं वह उनसे आगे न निकल जाएं।

राहुल का दिया जवाब

मोदी ने कहा कि नई सरकार ने देश में करीब चार लाख शौचालय बनाए। हम इसलिए बना पाए क्योंकि पहले की सरकार ने यह काम नहीं करवाया। वैसे ही बांग्लादेश और भारत के बीच सीमा विवाद का सुलझाने का भी काम नई सरकार ने किया। यह काम पिछले 60 सालों से पुरानी सरकार नहीं कर पाई।

मोदी ने राहुल गांधी के हमलों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी सुविधाएं भूतपूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल चली आ रही हैं और आगे भी चलती रहेंगी। लेकिन इसका लाभ गरीबों को नहीं मिलता।

उन्होंने कहा कांग्रेस ने गरीबी की जड़ों को इतना गहरा कर दिया है कि नई सरकार को इसको खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। मोदी ने कहा कि अगर यह काम 60 साल पहले की शुरू की गई होती तो आज यह दुर्दशा नहीं होती।

देश में बोलने की आजादी है

मोदी ने कांग्रेस की नीतिओं पर हमला बोलते हुए उसके द्वारा पूर्व में लाई गई खाद्य सुरक्षा अधिनियम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश के ऐसे चार कांग्रेस शासित प्रदेश हैं जिसने अब तक इसे अपने राज्यों में लागू नहीं किया।

उन्होंने कांग्रेस के विरोध करने की प्रवृत्ति की तुलना एक श्लोक से की। मोदी ने कहा कि आलोचना करने वाले लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है लेकिन उसका समर्थन करने वालों की संख्या बहुत ही कम है।

इस दौरान उन्होंने बोलने की आजादी का जिक्र करते हुए रूसी राष्ट्रपति स्टालिन और क्रुश्चेव की कहानी सुनाई और इस आजादी का मतलब समझाया। उन्होंने कहा पहले बोलने की आजादी नहीं थी लेकिन अब है।
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अफसरशाही दायित्वों का निर्वहन नहीं करेगी

उन्होंने कहा कांग्रेस ने गरीबी की जड़ों को इतना गहरा कर दिया है कि नई सरकार को इसको खत्म करने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है। मोदी ने कहा कि अगर यह काम 60 साल पहले की शुरू की गई होती तो आज यह दुर्दशा नहीं होती।

सरकार के दायित्वों का निर्वहन करने के लिए संसद में गतिरोध खत्म करने की मांग की। मोदी ने कहा देश की जनता बहुत ज्यादा नहीं मांगती लेकिन संसद ही एक ऐसी जगह है जहां हमारे दायित्वों का लेखा जोखा पेश किया जाता है।

मोदी ने कहा कि पक्ष-विपक्ष की लड़ाई की वजह से अफसर हमारा सम्मान नहीं करते और इसकी वजह से वह अपने दायित्वों के निर्वहन में आनाकानी करते हैं। मोदी ने राहुल गांधी पर बड़ों का आदर नहीं करने का आरोप लगाते हुए मनमोहन सिंह द्वारा लाए गए ऑर्डिनेंस को फाड़ने का भी जिक्र किया।
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