भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पर्याप्त वाहवाही बटोर चुके गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पार्टी को देश की बागडोर संभालने के लिए सबसे अच्छा विकल्प बताते हुए कहा कि देश की जनता कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का फैसला कर चुकी है।
उन्होंने भाजपा की अलग पार्टी बताते हुए कहा, "भाजपा इज ए मिशन, कांग्रेस इज फॉर कमीशन" यानी भाजपा एक मिशन वाली पार्टी है और कांग्रेस कमीशन वाली पार्टी है।
उन्होंने यूपीए सरकार की आर्थिक नीतियों की खिंचाई करते हुए कहा कि कांग्रेस प्रशासनिक सुधारों को आर्थिक सुधार का नाम दे रही है।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के तीसरे और अंतिम दिन प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी के सवालों के बीच उन्होंने कहा है कि भाजपा में नेतृत्व का सवाल बड़ा नहीं है और ये मायने नहीं रखता कि नेता कौन है।
विकल्प बनने की चुनौती
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की जनता ने कांग्रेस को उखाड़ने का फैसला कर लिया है। भाजपा को जनता को इसमें मदद करनी होगी।
नरेंद्र मोदी ने कहा, 'जनता ने कांग्रेस को उखाड़ फेंकने का निर्णय कर लिया है और हमें देखना है कि हम उसकी क्या मदद कर सकते हैं। कांग्रेस बच नहीं सकती लेकिन उसे एक विकल्प देना है और भाजपा में ही विकल्प बनने का दम है। हमें देश को निराश करने का कोई अधिकार नहीं है।'
मोदी ने कहा कि आने वाले समय में कांग्रेस और भाजपा के बीच तुलना होगी।
उन्होंने कहा तब कहा जाएगा- 'बीजेपी इज मिशन, कांग्रेस इज फॉर कमीशन'। उन्होंने कहा कांग्रेस में सभी का कमीशन है, भाई का, बहन का और चाचा का। कांग्रेस कमीशन वाली पार्टी है। हेलीकॉप्टर डील समेत हर सौदों में कमीशन लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस जो आर्थिक सुधार कर रही है वे देश के विकास में मदद नहीं कर रहे हैं। मोदी ने कहा, 'मैं दुनिया भर के आर्थिक विशेषज्ञों को चुनौती देता हूं कि वे यूपीए सरकार की आर्थिक नीतियों में सुधार के गुण दिखाएं।
यूपीए आर्थिक सुधार नहीं बल्कि प्रशासनिक सुधार कर रही है। यूपीए की नीतियों को अगर 'आर्थिक सुधार' कहा गया तो यह देश कभी आर्थिक ताकत नहीं बना पाएगा।'
अपना गुणगान
अपने पूरे भाषण में नरेंद्र मोदी अपनी सरकार का बार बार गुणगान करते रहे।
औद्योगिक विकास से लेकर कृषि क्षेत्र में हुए विकास तक बार बार वे गुजरात के आंकड़ों का उदाहरण देते रहे।
उन्होंने कहा, 'हमारे यहां पीएसयू का जन्म ही मरने के लिए होता है। सरकार इनके सुधार के लिए उपाय नहीं कर रही है।'
गुजरात के सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इसके लिए कॉर्पोरेट कल्चर, तकनीकी सुधार और प्रोफेशनलिज्म की जरूरत है, लेकिन यूपीए सरकार के पास ये नीतियां नहीं है।
उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि गुजरात में बिजली कंपनियां बिना दाम बढ़ाए किस तरह फायदे में आ गई हैं और किस तरह वहाँ कृषि क्षेत्र में देश के औसत से ज्यादा विकास हो रहा है।
बीच बीच में वे भाजपा शासित दूसरे राज्यों और राज्य के नेताओं की तारीफ भी करते रहे।
उदाहरण के तौर पर उन्होंने कहा, 'छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने आदिवासियों के रोजगार और नक्सलवाद को खत्म करने के लिए मॉडल पेश किया लेकिन उसे स्वीकृति नहीं मिली। छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है इसलिए उनके मॉडल को स्वीकार नहीं किया जाता।'
भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद की बैठक का आज अंतिम दिन है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कार्यकर्ताओं को उठ खड़े होने का आह्मवान करते हुए उन्होंने कहा, "माना कि अंधेरा घना है, लेकिन दिया जलाना कहां मना है।"
विवेकानंद की 150 वर्षगांठ की याद दिलाते हुए उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना चाहिए कि जब देश अपनी डायमंड जुबली मनाएगा हम विवेकानंद के सपनों को साकार कर देंगे।
कांग्रेस का जिक्र
नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस की आलोचना ही नहीं की बल्कि कांग्रेस से जुड़े रहे कुछ नेताओं की तारीफ भी की।
प्रणब मुखर्जी की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह की जगह अगर प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री होते तो देश का आज जैसा बुरा हाल नहीं होता। प्रणब जमीन से जुड़े रहे हैं, उन्हें देश की समस्याओं का पता है।
भ्रष्टाचार पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा राजीव गांधी कहते थे कि 15 पैसे जनता तक पहुंचते हैं तो 85 पैसे कब तक गुम होते रहेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया- जय जवान, जय किसान और देश की जनता उठ खड़ी हुई।'
गांधी-नेहरु परिवार पर परोक्ष हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उन्हीं नेताओं को जगह मिली है जो परिवार से जुड़े रहे हैं।